इंदौर, मध्य प्रदेश – इंदौर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अब एक नई और महत्वाकांक्षी योजना लागू करने जा रहा है। शहर के सबसे बड़े और सबसे व्यस्त थानों में अब एक के बजाय दो-दो थाना प्रभारी (टीआई) तैनात किए जाएंगे। इंदौर, इस अभिनव व्यवस्था को शुरू करने वाला मध्य प्रदेश का पहला शहर बन गया है, जिसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को चौबीसों घंटे और भी मजबूत बनाना है।

 

क्या है 'दोहरी कमान' की योजना?

पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने खुद इस महत्वपूर्ण योजना का खाका तैयार किया है। शुरुआती चरण में, इंदौर के चार प्रमुख थानों को इस प्रणाली के तहत लाया जाएगा। इस व्यवस्था में, दोनों टीआई मिलकर थाने के सभी कार्यों की जिम्मेदारी साझा करेंगे। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी समय, चाहे वह दिन हो या रात, थाने की कमान मजबूत हाथों में रहे और कोई भी जिम्मेदारी अधूरी न रहे।इस दोहरी कमान का मुख्य फोकस अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त और तत्काल प्रतिक्रिया प्रणाली (rapid response) को बेहतर बनाना है। अक्सर, एक टीआई के छुट्टी पर होने या किसी अन्य कार्य में व्यस्त होने पर थाने का कामकाज प्रभावित होता है। दो टीआई की मौजूदगी से यह समस्या समाप्त हो जाएगी और हर समय एक अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहेगा, जबकि दूसरा थाने के प्रशासनिक कार्यों को संभालेगा।

 

महानगरों के अध्ययन से मिली प्रेरणा

पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने हाल ही में देश के अन्य बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और कोलकाता की कमिश्नरेट प्रणालियों का गहन अध्ययन करवाया था। इस अध्ययन से मिली जानकारी और अनुभवों के आधार पर ही इंदौर में कई बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के तहत, हाल ही में रात्रि गश्त और दैनिक समीक्षा प्रक्रियाओं में सुधार किया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम पहले ही दिख चुके हैं।पुलिस आयुक्त का मानना है कि 'दोहरी कमान' की यह पहल उसी कड़ी में अगला कदम है, जो अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाएगी। इस नई व्यवस्था से शहर में अपराधों पर अंकुश लगाने और जनता के बीच सुरक्षा की भावना बढ़ाने में मदद मिलेगी।