जबलपुर,  – एक मामूली कहासुनी और धक्का लगने की बात पर युवक की हत्या करने वाले दो आरोपियों को जबलपुर कोर्ट ने आजीवन कारावास और कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस की त्वरित और गहन जांच (विवेचना) और लोक अभियोजन अधिकारी की मजबूत पैरवी के कारण यह फैसला संभव हो पाया, जिसे पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

क्या था पूरा मामला?

घटना 24 अक्टूबर 2023 की है। गढ़ा थाना क्षेत्र में बिट्टू कुमार शुथियार (20) नामक युवक की दो आरोपी युवकों सनी उर्फ अमित यादव (18) और विक्की साहू (18) ने चाकू से हमला कर हत्या कर दी थी। यह वारदात तब हुई जब बगल से गुजरते समय बिट्टू का धक्का गलती से आरोपियों को लग गया था। इस पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उस पर जानलेवा हमला कर दिया। गढ़ा थाने में आरोपियों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

 

पुलिस ने मामले को 'चिन्हित' कर की गहन विवेचना

इस जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक जबलपुर ने मामले को 'चिन्हित श्रेणी' में रखा। यानी, इसकी निगरानी व्यक्तिगत रूप से की जा रही थी। तत्कालीन थाना प्रभारी गढ़ा, निरीक्षक बृजेश मिश्रा, ने इस मामले की हर पहलू से गहन और सारगर्भित जांच की। जांच पूरी होने के बाद, अभियोग पत्र (चार्जशीट) को माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

 

अभियोजन की सशक्त पैरवी का नतीजा

मामले की सुनवाई के दौरान, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नोडल अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह, ने लगातार केस की निगरानी की। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि कोर्ट द्वारा जारी किए गए सभी समन और वारंट की तामीली समय पर हो और गवाह समय पर कोर्ट में उपस्थित हों। लोक अभियोजन अधिकारी श्री अजय जैन ने कोर्ट में अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी की, जिससे आरोपियों के खिलाफ सभी सबूत और गवाहों के बयान मजबूती से पेश किए जा सके।इस प्रभावी विवेचना और पैरवी के परिणामस्वरूप, 26 अगस्त 2025 को माननीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री अभिषेक सक्सेना ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया।

 

कोर्ट ने सुनाई कठोर सजा

न्यायालय ने आरोपी सनी उर्फ अमित यादव को हत्या (धारा 302 भादवि) के लिए आजीवन कारावास और 500 रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा, उसे जानलेवा हमले (धारा 324 भादवि) के लिए 2 वर्ष का कठोर कारावास और 500 रुपये का अर्थदंड भी दिया गया है।वहीं, दूसरे आरोपी विक्की साहू को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 500 रुपये का अर्थदंड दिया गया। मारपीट (धारा 323 भादवि) के लिए उसे 6 माह का कारावास और 500 रुपये का अर्थदंड भी मिला है।