राजनगर की ललपुर पंचायत में हाहाकार: बदहाल व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
छतरपुर (राजनगर) - छतरपुर जिले की राजनगर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत ललपुर में बदहाल व्यवस्थाओं से त्रस्त ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। गांव के बच्चों, युवाओं, किसानों, बुजुर्गों और महिलाओं की समस्याओं को लेकर ग्रामीणों के एक समूह ने कलेक्टर को 15 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार स्थानीय अधिकारियों, यहाँ तक कि विधायक और सांसद तक को अपनी समस्याओं से अवगत कराया है, लेकिन आज तक किसी ने उनकी सुध नहीं ली।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क - हर क्षेत्र में दुर्दशा
समाजसेवी मोहम्मद इमरान के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि गांव की स्थिति इतनी दयनीय है कि मूलभूत सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है।
शिक्षा की बदहाली: गांव के स्कूलों में बिजली नहीं है, जिससे बच्चे अंधेरे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। मोहम्मद इमरान ने बताया कि 10 दिनों से स्कूल में बिजली गुल है। ग्रामीणों ने पुरानी जर्जर हो चुकी स्कूल बिल्डिंग को तोड़कर नया भवन बनाने और स्कूल को हाई स्कूल का दर्जा देने की मांग की है। बच्चों के लिए खेल के मैदान और खेल सामग्री का भी अभाव है।
स्वास्थ्य व्यवस्थाएं ठप्प: ललपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति भी चिंताजनक है। ग्रामीणों के अनुसार, यहाँ महीनों से डॉक्टर मौजूद नहीं हैं, जिससे छोटे-मोटे इलाज के लिए भी ग्रामीणों को भटकना पड़ता है।
सड़कों का बुरा हाल: गांव को जोड़ने वाली सड़कें कच्ची और जर्जर हैं। बारिश के दिनों में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब चितोरा पुरवा और अन्य हिस्सों से गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। ग्रामीणों ने कई महत्वपूर्ण सड़कों जैसे गोड़ बाबा मंदिर से टावर तक और दुनए पुरवा से सरपंच पुरवा तक पक्की सड़क बनाने की मांग की है।
आवारा पशुओं से फसलें बर्बाद, अंतिम संस्कार के लिए भी नहीं है जगह
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में गौशाला का संचालन सही ढंग से नहीं हो रहा है, जिसकी वजह से आवारा मवेशी किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। इसके अलावा, गांव में श्मशान घाट तक नहीं है, जिससे अंतिम संस्कार जैसे महत्वपूर्ण कार्य के दौरान ग्रामीणों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है।
मांग पत्र में राशन पर्ची से वंचित गरीब परिवारों के नाम दोबारा जोड़ने, प्राथमिक विद्यालय और आंगनवाड़ी के लिए बाउंड्री वॉल और पोखरा धाम सरकार मंदिर तक पक्की सड़क बनाने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
"आज तक नहीं हुई सुनवाई, मजबूर होकर करेंगे आंदोलन"
ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वे बार-बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रहा है। मोहम्मद इमरान ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। समस्त ग्रामवासियों की ओर से उन्होंने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।
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