डेढ़ साल की बच्ची के सिरहाने बैठा था जहरीला करैत, दादी की बहादुरी से बची मासूम की जान
जबलपुर, तिलवारा थानांतर्गत क्रेशर बस्ती में उस वक्त दहशत फैल गई जब एक डेढ़ साल की बच्ची के बेहद करीब भारत का सबसे खतरनाक और जहरीला सांप इंडियन कॉमन करैत पाया गया। बच्ची की दादी की सूझबूझ और हिम्मत से एक बड़ा हादसा टल गया और बच्ची की जान बच गई।
घटना मंगलवार सुबह 4 बजे की है। क्रेशर बस्ती निवासी शांति बाई ठाकुर रोज की तरह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद अपने घर के मंदिर में पूजन कर रही थीं। तभी दूसरे कमरे में सो रही उनकी डेढ़ साल की नातिन की रोने की आवाज आई। शांति बाई तत्काल बच्ची के पास गईं। जो दृश्य उन्होंने देखा, उससे उनके होश उड़ गए, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला। बच्ची सोकर उठी थी और उसके सिर के पास, मात्र कुछ इंच की दूरी पर, एक काले रंग का सफेद धारियों वाला करीब साढ़े तीन फीट लंबा सांप बैठा हुआ था।
शांति बाई ने अपनी घबराहट को काबू में किया। उन्होंने हिम्मत करके धीरे से बच्ची को गोद में उठाया और सुरक्षित बाहर भागीं। उन्होंने दूसरे कमरे में सो रहे अपने पति पप्पू ठाकुर को जगाया और पूरी घटना बताई। जब वे दोनों उस कमरे में वापस लौटे, तब तक वह खतरनाक सांप मिट्टी की कच्ची दीवार में बनी एक दरार में घुस चुका था।
पूरे परिवार ने राहत की सांस ली, लेकिन खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए सुबह 6 बजे पप्पू ठाकुर ने सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सूचना दी। गजेंद्र दुबे तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सांप को दरार में से बाहर निकाला। पकड़ा गया सांप भारत का सबसे जहरीला सांप इंडियन कॉमन करैत निकला, जिसे स्थानीय लोग 'धूमा गरहटा' भी कहते हैं।सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने बताया कि इस सांप में न्यूरोटॉक्सिन नामक बेहद खतरनाक जहर पाया जाता है, जिसका असर कोबरा से भी ज्यादा तेज होता है। उन्होंने बताया कि यह सांप रात में अक्सर सोते हुए व्यक्ति के शरीर से चिपक जाता है और करवट लेने पर ही काटता है। यदि इसके काटने के तीन घंटे के भीतर उचित मेडिकल उपचार न मिले तो पीड़ित की जान बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। सर्प को पकड़ने के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया, जिसके बाद परिवार ने चैन की सांस ली और सभी ने शांति बाई की बहादुरी की सराहना की।
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