नेताजी सभाुषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में हुआ हेमेटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट 
जबलपुर,। जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने हेमेटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट कर 5 साल की एक बच्चा को सिकल सेल एनीमिया  जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह से मुक्त कर दिया है। बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। यह बच्चा पिछले कई सालों से बार-बार होने वाले वैसो-ओक्लूसिव क्राइसिस से पीड़ित थी, जिसमें असहनीय दर्द होता है।
इस जटिल और जीवनरक्षक ट्रांसप्लांट में बच्चे की उसकी बड़ी बहन के स्टेम सेल दान किए गए थे, जो उसके लिए पूरी तरह से मैच थे। ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के 23 दिन बाद बच्ची को डिस्चार्ज कर दिया गया। यह मध्य प्रदेश में इस तरह का एक दुर्लभ और सफल केस माना जा रहा है।

डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने सराहा टीम वर्क
इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय अस्पताल के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने पूरी टीम के समर्पण और मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि हमारे मेडिकल कॉलेज में अब जटिल और गंभीर बीमारियों का इलाज भी संभव है। उन्होंने इस सफल इलाज के लिए अस्पताल के अधीक्षक डॉ. लक्ष्मी (एससीआई) और डॉ. अरविंद शर्मा, बीएमटी यूनिट की प्रभारी डॉक्टर श्वेता पाठक, बाल रोग विभाग की एचओडी डॉ. मोनिका और उनकी पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। इस जटिल मेडिकल प्रक्रिया में कई विभागों के विशेषज्ञों और स्टाफ ने मिलकर काम किया। इस टीम में डॉ. विद्या, डॉ. राजेश जैन, डॉ. महोबिया, डॉ. मीना और नर्सिंग स्टाफ की पूनम व एलिजाबेथ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, सीनियर रेजिडेंट्स डॉ. चेष्टा, डॉ. पलाश, डॉ. काव्या, डॉ. ललिता और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी व बाल रोग विभाग के सलाहकारों ने भी अपना पूरा सहयोग दिया। एक गैर-सरकारी संगठन  की टीम ने भी इस पूरी प्रक्रिया में सहायता प्रदान कर मानवता की मिसाल पेश की। सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं हंसिया के आकार की हो जाती हैं, जिससे शरीर में रक्त संचार बाधित होता है। बोन मैरो ट्रांसप्लांट को इस बीमारी का एकमात्र स्थायी उपचार माना जाता है। इस सफल ऑपरेशन से यह साबित हो गया है कि प्रदेश के सरकारी चिकित्सा संस्थान भी अब उच्च स्तरीय और विशेषज्ञ उपचार प्रदान करने में सक्षम हैं, जिससे गरीबों और जरूरतमंदों को भी उम्मीद की किरण मिली है।