जम्मू, - वैष्णो देवी मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास मंगलवार दोपहर हुए भीषण भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है, जबकि 3500 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। जम्मू संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है।


 

युद्धस्तर पर जारी है बचाव कार्य

 

स्थानीय प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, और स्थानीय स्वयंसेवकों के साथ भारतीय सेना भी युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम लगातार जारी है।

इस वक्त चेनाब, बसंतर और अन्य नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई है। भूस्खलन के कारण वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है और ई-कार सेवाएँ भी बंद कर दी गई हैं, जिससे कई श्रद्धालु कटरा में ही फँस गए हैं।


 

परिवहन सेवाएं ठप, मौसम विभाग की चेतावनी

 

  • सड़क मार्ग: जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद हैं।

  • रेलवे: 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि 27 ट्रेनें आंशिक रूप से रोक दी गई हैं।

  • हवाई सेवाएं: हेलीकॉप्टर सेवाएं भी पूरी तरह से स्थगित हैं।

मौसम विभाग ने आज जम्मू, रियासी, डोडा सहित अन्य जिलों में भारी बारिश और बादल फटने की चेतावनी जारी की है, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।