जबलपुर, । अंधमूक बायपास पर एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में पुलिस आरक्षक अभिषेक शिंदे को अपनी जान गंवानी पड़ी। वह एक अपहरण के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, जब एक तेज रफ्तार बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल अभिषेक को तत्काल मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना ने पूरे पुलिस महकमे को शोक में डुबो दिया है।

अपहरण के आरोपी का पीछा कर रहे थे आरक्षक
घटना गुरुवार सुबह की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि लालच देकर अपहरण करने वाले मामले का मुख्य आरोपी आशीष ठाकुर कुछ साथियों के साथ एक बस में सवार होकर आ रहा है। यह जानकारी मिलते ही आरक्षक अभिषेक शिंदे अपनी टीम के साथ सक्रिय हो गए। उन्होंने तत्काल अंधमूक बायपास पर घेराबंदी की योजना बनाई ताकि आरोपियों को भागने का मौका न मिले।

आरोपी चकमा देकर भागा, आरक्षक ने की जान की बाजी
जैसे ही बस अंधमूक बायपास के पास पहुँची, पुलिस को देखकर मुख्य आरोपी आशीष ठाकुर बस से उतरकर भागने लगा। आरक्षक अभिषेक शिंदे ने बिना एक पल भी सोचे उसका पीछा किया। वह पूरी रफ्तार से आरोपी की ओर दौड़े, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इसी दौरान, पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो कार ने अभिषेक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अभिषेक सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।

बोलेरो चालक गिरफ्तार, पुलिस ने जब्त की गाड़ी
हादसे के तुरंत बाद, अभिषेक को साथी पुलिसकर्मी और स्थानीय लोगों की मदद से मेडिकल अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने अभिषेक शिंदे को मृत घोषित कर दिया।

आरक्षक की मौत की खबर से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिस ने तुरंत टक्कर मारने वाली गाड़ी और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक, यह गाड़ी हाथीताल गोरखपुर क्षेत्र की है। पुलिस ने देर रात तक छानबीन कर बोलेरो कार को जब्त कर लिया और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।अभिषेक शिंदे की शहादत ने एक बार फिर कर्तव्य के प्रति पुलिस के समर्पण को उजागर किया है। उनकी वीरता और बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा।