भोपाल: ओबीसी आरक्षण पर राजनीतिक एकता, सीएम मोहन यादव की पहल पर सर्वदलीय रिपोर्ट कोर्ट में पेश होगी
भोपाल, । मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का मामला अब एक निर्णायक मोड़ पर आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर राज्य के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर एक संयुक्त और सर्वसम्मत रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में पेश करने का फैसला किया है। यह कदम इस लंबे समय से लंबित मामले में एक बड़ा बदलाव लाने का प्रयास माना जा रहा है।
सभी दल आरक्षण के पक्ष में, कोर्ट में पेश होगी संयुक्त रिपोर्ट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ओबीसी आरक्षण का मामला भले ही कोर्ट में विचाराधीन हो, लेकिन इस पर राज्य के सभी दल एकमत हैं। उन्होंने कहा, "ओबीसी आरक्षण का मामला कोर्ट में पेंडिंग है... और राज्य के सभी राजनीतिक दल ओबीसी वर्ग को आरक्षण देने के पक्ष में हैं।"
डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि जब विधानसभा में सभी दलों ने इस विषय पर अपनी सहमति दी थी, तो अब न्यायालय में भी एक ही आवाज में बात रखी जाएगी। उन्होंने कहा, "इसलिए हमारी सबकी सहमति की एक सम्मिलित रिपोर्ट कोर्ट में पेश हो... इसके लिए हमने बैठक बुलाकर चर्चा की है। जैसा विधानसभा में सबने अपनी सहमति दी, वैसे ही कोर्ट में सभी सहमति की रिपोर्ट दलों के अधिवक्ता बैठकर बनाएंगे।"
10 सितंबर तक रिपोर्ट तैयार करने का लक्ष्य
इस संयुक्त रिपोर्ट को तैयार करने के लिए एक समय-सीमा भी तय की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी दलों के अधिवक्ता 10 सितंबर तक मिलकर इस रिपोर्ट को अंतिम रूप देंगे। यह कदम इसलिए भी जरूरी है क्योंकि न्यायालय ने इस मामले में 22 सितंबर से रोजाना (डे टू डे) सुनवाई करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 सितंबर तक रिपोर्ट तैयार हो जाने से हमें अपनी बात को मजबूती के साथ और सही ढंग से कोर्ट के सामने रखने का पर्याप्त समय मिल जाएगा।
राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एक बड़ा कदम
यह पहल मध्य प्रदेश में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एक बड़े सामाजिक मुद्दे पर एकता दिखाने का प्रतीक है। ओबीसी आरक्षण का मामला पिछले कई वर्षों से कानूनी दांव-पेंच में उलझा हुआ है, जिससे इस वर्ग के लाखों युवाओं के भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह कोशिश इस समस्या का स्थायी और सर्वमान्य हल निकालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
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