सात दिनों की बेचैनी के बाद मिली राहत, श्रद्धा तिवारी की सुरक्षित वापसी पर पिता की आंखों में छलक आए आंसू
इंदौर: सात दिनों से लापता चल रही 22 वर्षीय श्रद्धा तिवारी आखिरकार सुरक्षित लौट आई है। शुक्रवार सुबह वह अपने पति के साथ एमआईजी थाने पहुंची, जहां इंदौर पुलिस ने तुरंत उससे पूछताछ शुरू कर दी। श्रद्धा 23 अगस्त को घर से अचानक लापता हुई थी। इस बीच परिवार और पुलिस दोनों उसकी तलाश में जुटे रहे। उसके पिता ने 51,000 रुपए का इनाम रखा था।
गुरुवार देर रात पुलिस को मिली थी जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को गुरुवार देर रात जानकारी मिली थी कि श्रद्धा मंदसौर में है और उसने अपने माता-पिता से संपर्क भी किया है। हालांकि, वह पिछले सात दिनों में किन-किन जगहों पर रुकी और किन परिस्थितियों में रही, इस बारे में पुलिस अब उससे विस्तार से पूछताछ कर रही है।
उल्टी तस्वीर टांगकर जताई थी सुरक्षित वापसी की उम्मीद
श्रद्धा की सुरक्षित वापसी के लिए परिजनों ने घर के बाहर उसकी फोटो उल्टी टांग दी थी। परिवार का मानना है कि इस तरह के टोटके से गुमशुदा व्यक्ति घर लौट आता है। यही तरीका कुछ समय पहले राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के पिता ने भी अपनाया था। श्रद्धा के परिजनों ने यहां तक घोषणा की थी कि जो भी उसे ढूंढकर लाएगा, उसे 51 हजार रुपए इनाम दिया जाएगा।
मोबाइल छोड़कर निकली थी श्रद्धा
23 अगस्त को लापता होने से पहले श्रद्धा अपना मोबाइल घर पर ही छोड़ गई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने उसकी सहेली से पूछताछ की थी। उस दौरान पता चला कि घर में किसी बात को लेकर उसे परिजनों ने फटकार लगाई थी।
सीसीटीवी में अंतिम बार दिखी
सीसीटीवी फुटेज में भी श्रद्धा की अंतिम झलक मिली थी, जिसमें वह पहले घर के पास दिखाई दी और फिर लोटस शोरूम के सामने से एमआर-4 की ओर जाती नजर आई थी। इन सुरागों के आधार पर पुलिस को शक था कि वह उज्जैन की तरफ गई हो सकती है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी
अब जबकि श्रद्धा अपने पति के साथ इंदौर लौट आई है, पुलिस उसके लापता रहने के दौरान की पूरी कहानी जानने की कोशिश कर रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि उसने अचानक शादी क्यों की और पिछले सात दिनों में कहां रही।
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