जबलपुर: पनागर थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई जब जीसीएफ (गन कैरिज फैक्ट्री) के एक कर्मचारी का कंकाल झाड़ियों में पड़ा मिला। पुलिस ने कंकाल की पहचान लापता कर्मचारी बिहारी लाल के रूप में की है, जो बीते 26 दिनों से लापता थे। परिजनों ने उनकी हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

लापता होने के 26 दिन बाद मिला कंकाल

 

पनागर निवासी बिहारी लाल बीते 4 अगस्त को अपने घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पनागर थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार को स्थानीय लोगों ने चकहा नाला के पास घनी झाड़ियों में एक कंकाल पड़ा देखा, जिसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।

मौके पर पहुंची पुलिस टीम को कंकाल के पास से कुछ पैसे और एक आईडी कार्ड मिला, जिससे शव की पहचान बिहारी लाल के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को सूचित किया, जिन्होंने मौके पर पहुँचकर शव की पहचान की पुष्टि की।

 

परिवार को है हत्या का संदेह

 

मृतक बिहारी लाल के परिजनों का आरोप है कि उनकी गुमशुदगी और मौत सामान्य नहीं है। उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या हो सकती है। परिजनों ने पुलिस से इस मामले की गहराई से जांच करने की अपील की है ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके।

पनागर पुलिस ने बताया कि कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस ने हत्या, आत्महत्या और दुर्घटना सहित सभी संभावित पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों और उन लोगों से भी पूछताछ कर रही है, जिनसे बिहारी लाल का आखिरी बार संपर्क हुआ था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।