जबलपुर पहुँचे कैबिनेट मंत्री विजय शाह, कांग्रेस पर साधा निशाना – विवादित मामले पर साधी चुप्पी
जबलपुर।
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह संभागीय दौरे पर जबलपुर पहुँचे। यहाँ उन्होंने जनजाति कार्य एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुँचना चाहिए। मंत्री शाह ने कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और त्वरित क्रियान्वयन ही सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में छात्रावासों की स्थिति, छात्रवृत्ति वितरण, शिक्षा व्यवस्था और जनजाति वर्ग के उत्थान से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही बरती गई तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
राजनीति में 35 वर्षों का अनुभव
पत्रकारों से चर्चा के दौरान विजय शाह ने अपने राजनीतिक जीवन की यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा,
“मुझे राजनीति करते हुए 35 साल हो गए हैं। मैंने जितना संघर्ष किया है, वह न मैं समझा सकता हूँ और न ही आप समझ पाएंगे।”
उन्होंने अपने अनुभव को ही आज की राजनीति में अपनी सबसे बड़ी पूँजी बताया और कहा कि समाज की सेवा ही उनका ध्येय है।
कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी, राहुल गांधी पर साधी चुप्पी
जब कांग्रेस की नीतियों और नेताओं पर सवाल पूछा गया तो शाह ने सीधा जवाब देते हुए कहा,“जिसकी जैसी सोच होगी, वैसे ही उसकी भाषा होगी।”
उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक जीवन में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।हालाँकि राहुल गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। शाह ने कहा,
“राहुल जी के बारे में मैं कुछ नहीं बोलता हूँ।”
विवादित मामले पर कोई टिप्पणी नहीं
अपने खिलाफ दर्ज विवादित मामले को लेकर जब मीडिया ने सवाल किया तो विजय शाह ने साफ कहा,“मेरा पूरा मामला अदालत में लंबित है। इस पर मैं कोई कमेंट नहीं करूँगा।”उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्णय का उन्हें इंतजार रहेगा और इस मामले में वे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करेंगे।
संभागीय दौरे का उद्देश्य
मंत्री शाह का यह दौरा मुख्य रूप से प्रशासनिक समीक्षा पर केंद्रित रहा। बैठक के दौरान उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति जानी और अधिकारियों को कार्ययोजना समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा और विकास कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देना होगा।शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग की योजनाओं का असर सीधे आमजन पर पड़ता है, इसलिए अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से कार्य करना होगा।
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