सतना: कहते हैं मुश्किल हालात में ही असली परख होती है। सतना जिले में बिजली कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यनिष्ठा और साहस से यह साबित कर दिया है। सितपुरा क्षेत्र में सोमवार को 33 केवी सोहावल विद्युत लाइन फॉल्ट होने से आपूर्ति ठप हो गई थी। समस्या यह थी कि जिस स्थान पर फॉल्ट हुआ, वहां 300 मीटर तक 10 फीट गहरा पानी भरा था। इसके बावजूद कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर पानी में उतरकर इंसुलेटर बदले और कई घंटों से प्रभावित क्षेत्रों की बिजली सप्लाई को बहाल किया है।


जानकारी के मुताबिक, सोमवार को भीषण बारिश और बिजली गिरने से 33 केवी सोहावल लाइन में फॉल्ट आ गया। ग्रामीण प्रथम उपसंभाग की टीम तुरंत सक्रिय हुई और लाइन की पेट्रोलिंग की। बागरी पेट्रोल पंप के पीछे सितपुरा रोड पर दो विद्युत पोल में इंसुलेटर फेल पाया गया। मुश्किल यह थी कि यह पोल बांध के अंदर थे और वहां पानी का स्तर 10 फीट तक था।

फर्ज के आंगे नही की जान की परवाह

स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों ने हिम्मत नहीं हारी है। राजा सेन, चंद्रिका कुशवाहा, गया कुशवाहा, रामलाल कुशवाहा और रचित दाहिया पानी में तैरकर बिजली पोल तक पहुंचे है। गहरे पानी के बीच उन्होंने खराब इंसुलेटर बदले और लाइन को फिर से चार्ज किया। उनके साहस की बदौलत प्रभावित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी है।इस बहादुरी भरे कार्य में परीक्षण सहायक जितेंद्र विश्वकर्मा और लाइन कर्मचारी राजभान कोरी ने भी अहम योगदान दिया है। सभी कर्मचारियों ने मिलकर घंटों की मेहनत के बाद वह कार्य किया, जिसे असंभव माना जा रहा था।

कर्मचारियों के जज़्बे को सलाम

वही, ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों ने कर्मचारियों की हिम्मत और जिम्मेदारी को सलाम किया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन बिजलीकर्मियों की बदौलत अंधेरे में डूबे गांवों में फिर से उजाला लौटा। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि सच्ची लगन और कर्तव्यनिष्ठा के सामने कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।