यमुना का बढ़ता जलस्तर नियंत्रण में, दिल्लीवासियों से घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री
दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई इलाकों में पानी फैल गया है. हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार (2 सितंबर) को खुद गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास बने राहत शिविर और पुराने लोहे के पुल का दौरा किया.इस दौरान उन्होंने शिविर में ठहरे बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर प्रभावित परिवार तक जरूरी मदद पहुंचाएगी.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राहत शिविरों में किसी भी व्यक्ति को भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवा और सुरक्षित आश्रय की कमी नहीं होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य है.
सीएम ने बताया कि हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया अधिकतम पानी शाम तक दिल्ली पहुंचेगा, लेकिन फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं. उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में यमुना और नालों की सफाई का काम किया गया है, जिसका फायदा अब मिल रहा है. यमुना पर बने सभी बैराजों के गेट खोल दिए गए हैं और पानी बिना रुके आगे बढ़ रहा है.
घबराने की जरूरत नहीं दिल्लीवासियों को
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना का फ्लड प्लेन पानी से भरना स्वाभाविक है, क्योंकि यह नदी का प्राकृतिक इलाका है.लेकिन शहर के बाहरी हिस्सों में पानी घुसने की आशंका नहीं है. उन्होंने साफ किया कि अभी पानी का स्तर रिकॉर्ड तोड़ने की स्थिति में नहीं है और दिल्लीवासियों को घबराने की जरूरत नहीं है.
हर संभव मदद के लिए है तैयार'
इसी बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बाढ़ की स्थिति पर पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी फोन पर बातचीत की. इनमें जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इन राज्यों में बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जनजीवन और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है. दिल्ली सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और हर संभव मदद के लिए तैयार है.
सरकार हालात को नहीं देगी बिगड़ने
गौरतलब है कि हर साल बरसात के मौसम में हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ता है. इससे दिल्ली के निचले इलाके जैसे यमुना बाजार, मजनूं का टीला, गीता कॉलोनी और लोहे का पुल आसपास के क्षेत्र प्रभावित होते हैं. इस बार भी पानी के बढ़ने से लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है.हालांकि मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार की पूरी तैयार है और हालात को बिगड़ने नहीं देगी .
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