छतरपुर। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छतरपुर के पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी और सेवानिवृत्त सहायक व्याख्याता संतोष कुमार शर्मा तथा उनके परिवार से जुड़ी 27 अचल संपत्तियाँ और बैंक खातों को अनंतिम रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई पीएमएलए, 2002 के तहत 29 अगस्त 2025 को की गई।

कृषि भूमि और आवासीय भूखंड भी शामिल

ईडी ने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियों में कृषि भूमि, आवासीय भूखंड और बैंक खातों में जमा राशि शामिल है। इन सभी संपत्तियों की अनुमानित कीमत लगभग 1.27 करोड़ रुपये आँकी गई है। इस कार्रवाई के बाद अब ईडी आगे मामले की विस्तृत जाँच करेगा कि आखिर इतनी संपत्ति कहाँ से और कैसे अर्जित की गई।

सेवानिवृत्ति के बाद कांग्रेस में शामिल हुए थे शर्मा

निवाड़ी जिले के तरीचर कला निवासी संतोष कुमार शर्मा शिक्षा विभाग में लंबे समय तक पदस्थ रहे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने राजनीति का रुख किया और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। ईडी की इस कार्रवाई से अब शिक्षा विभाग और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

विभाग और राजनीति में चर्चाएँ तेज

ईडी के शिकंजे में आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएँ जोरों पर हैं। विपक्ष इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार का सबूत बता रहा है, वहीं कांग्रेस के भीतर इसे लेकर असहज स्थिति है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद पार्टी में शामिल हुए शर्मा पर यह कार्रवाई कांग्रेस के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर सकती है।

आगे की कार्रवाई जारी

ईडी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया गया है। आगे की जाँच में यदि आरोप पुख्ता पाए जाते हैं, तो स्थायी जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मामले में अन्य परिजनों और सहयोगियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

यह कार्रवाई न सिर्फ शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी नए विवाद को जन्म दे रही है।