गणेश पंडालों की आड़ में जुआ फड़, आस्था के केंद्र बने अवैध कारोबार के अड्डे
जबलपुर। धार्मिक श्रद्धा और उल्लास से सराबोर गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे देश में मनाया जा रहा है। संस्कारधानी जबलपुर भी इस उत्सव में पूरी तरह डूबा हुआ है। हर गली-मोहल्ले में सजे गणेश पंडाल, रंग-बिरंगी रोशनी, मधुर भजनों की गूंज और भक्तों की भीड़ एक अद्भुत और मनमोहक वातावरण का निर्माण कर रही है। लेकिन, इस पावन पर्व की पवित्रता पर एक गहरा काला साया मंडरा रहा है। भगवान गणेश की प्रतिमाओं के ठीक पीछे और आसपास कई गणेश पंडालों में धड़ल्ले से जुए के फड़ संचालित किए जा रहे हैं। ये पंडाल अब आस्था के केंद्र कम, अवैध कारोबार के अड्डे ज्यादा लग रहे हैं।
यह चौंकाने वाली खबर शहर के कई प्रमुख इलाकों से सामने आई है, जिसमें आगा चौक, उखरी, गढ़ा और उनके आसपास के उपनगरीय क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में रात के अंधेरे में जुए का यह खेल अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाता है। स्थानीय निवासियों और सूत्रों के अनुसार, इन जुआ फड़ों का संचालन छोटे-मोटे स्तर पर नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह द्वारा किया जा रहा है। इन फड़ों पर लाखों का दांव लगाया जा रहा है, जिसमें न केवल स्थानीय जुआरी, बल्कि बाहर से आए बड़े खिलाड़ी भी शामिल हो रहे हैं। जुए के इन अड्डों में हर दिन बड़ी-बड़ी रकम का लेन-देन होता है, जिससे अपराध और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।
पुलिस की खामोशी पर उठे सवाल
इस गंभीर स्थिति में सबसे बड़ा सवाल जबलपुर पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर उठ रहा है। इतनी बड़ी संख्या में और खुलेआम जुए के फड़ संचालित होने के बावजूद, पुलिस का कोई हस्तक्षेप या कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। लोगों में यह धारणा बन रही है कि कहीं न कहीं, इन अवैध गतिविधियों को पुलिस की शह मिली हुई है, या फिर जानबूझकर इन पर से आंखें मूंद ली गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी वे इन फड़ों की जानकारी पुलिस को देते हैं, तो कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। पुलिस के कुछ अधिकारी मौके पर जाकर खानापूर्ति करते हैं और फिर वापस लौट आते हैं, जिससे जुआरियों के हौसले और भी बुलंद हो जाते हैं।
कार्रवाई सिर्फ दिखावा
पिछले साल भी गणेश चतुर्थी के दौरान इसी तरह की शिकायतें मिली थीं। तब पुलिस ने कुछ जगहों पर कार्रवाई भी की थी, लेकिन वह सिर्फ दिखावा साबित हुई। इस साल हालात और भी बदतर हो गए हैं। जुए के ये अड्डे अब सिर्फ ताश-पत्ते तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यहां शराब और अन्य नशीले पदार्थों का भी सेवन किया जा रहा है। इन गतिविधियों से धार्मिक पंडालों का माहौल पूरी तरह से दूषित हो रहा है, और उन परिवारों और बच्चों के लिए यह एक असुरक्षित जगह बन रही है, जो सच्चे मन से भगवान गणेश के दर्शन के लिए आते हैं।
एक पंडाल में 'डीजीपी गणेशÓ, दूसरे में जुए का फड़
एक तरफ जहां शहर में एक समिति ने च्च्डीजीपी गणेशज्ज् की थीम पर पंडाल सजाकर पुलिस और कानून-व्यवस्था का संदेश दिया है, वहीं दूसरी तरफ कुछ पंडालों में कानून का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। यह विरोधाभास शहर के नागरिकों के मन में कई सवाल पैदा कर रहा है। क्या पुलिस सिर्फ दिखावे की कार्रवाई करती है? क्या शहर में कानून और व्यवस्था सिर्फ कुछ जगहों तक सीमित है? इस मामले में शहर के कुछ प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं और धार्मिक नेताओं ने भी अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि गणेश पंडालों का उद्देश्य समाज में सद्भाव, भाईचारा और धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है। इस तरह की अवैध गतिविधियां न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि युवाओं को गलत रास्ते पर भी धकेलती हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल इन जुआ फड़ों पर सख्त कार्रवाई करने और आयोजकों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की मांग की है। उनका मानना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह एक बड़ी सामाजिक समस्या बन सकती है, जिसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ेगा।
आगामी दिनों में बढ़ सकती है जुए की गतिविधि
गणेशोत्सव के अंतिम दिनों में, जब विसर्जन की तैयारी शुरू होती है, तो इन जुआ फड़ों की गतिविधियां और भी बढ़ जाती हैं। जुआरी विसर्जन के जुलूसों के दौरान भी जुआ खेलने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं। ऐसे में पुलिस के लिए चुनौती और भी बढ़ जाती है। पुलिस को चाहिए कि वह सिर्फ पंडालों पर ही नहीं, बल्कि उन लोगों पर भी नजर रखे जो इस तरह के अवैध धंधों में लिप्त हैं। यह जरूरी है कि इस तरह की घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाया जाए, ताकि गणेश चतुर्थी का पर्व अपनी गरिमा और पवित्रता को बनाए रख सके।
इस मामले में, जनता की भी एक बड़ी जिम्मेदारी है। लोगों को आगे आकर ऐसे पंडालों का विरोध करना चाहिए और पुलिस को सही और सटीक जानकारी देनी चाहिए। सिर्फ प्रशासन या पुलिस के भरोसे बैठे रहने से यह समस्या हल नहीं होगी। जब तक जनता जागरूक नहीं होगी और इन अवैध गतिविधियों का बहिष्कार नहीं करेगी, तब तक ये जुआरी अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे।
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