जबलपुर: जबलपुर के बरगी थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक जघन्य हत्याकांड का खुलासा किया है। एक भाई ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपनी बहन के प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को जंगल में फेंक दिया। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी सहित बाकी चार लोग अभी भी फरार हैं। यह घटना एकतरफा प्रेम के चलते हुए विवाद और रंजिश का परिणाम है।


 

क्या है पूरा मामला?

 

यह घटना 15 अगस्त की है। सिवनी जिले के ग्राम कूड़ो बुधवारा निवासी सतेन्द्र उईके (उम्र नहीं दी गई) का उसी गाँव में रहने वाले आशीष धुर्वे उर्फ बिहारी की बहन के साथ प्रेम संबंध था। जब आशीष को इस रिश्ते के बारे में पता चला, तो वह बेहद नाराज हो गया। फरवरी में इस बात को लेकर सतेन्द्र और आशीष के बीच जमकर विवाद हुआ था। इसी के बाद आशीष ने सतेन्द्र को रास्ते से हटाने का मन बना लिया और अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची।

आशीष ने अपने साथियों, बृजेश इनवाती उर्फ ददुआ, शिवदीन, हेमराज यादव और सचिन यादव को इस साजिश में शामिल किया।

 

ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम

 

पूरी योजना के तहत, 15 अगस्त को बृजेश ने सतेन्द्र को फोन किया और उसे मंडला चलने के लिए कहा। सतेन्द्र इस बात पर राजी हो गया। बृजेश और सचिन अपनी बाइक से सतेन्द्र के पास पहुँचे और उसे लेकर वहाँ से निकले। लेकिन मंडला जाने के बजाय, वे उसे सीधे बरगी थाना क्षेत्र के बीझा जंगल में ले गए। वहाँ आशीष, शिवदीन और हेमराज पहले से ही उनका इंतजार कर रहे थे।

जंगल में पहुँचने के बाद, पाँचों ने मिलकर सतेन्द्र का गला दबाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद, सभी आरोपी सतेन्द्र के शव को उसी जंगल में छोड़कर फरार हो गए।

 

कॉल डिटेल्स से सुलझी गुत्थी, एक आरोपी गिरफ्तार

 

सतेन्द्र के घर न लौटने पर, उसके परिजनों ने 18 अगस्त को सिवनी में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सिवनी पुलिस ने जाँच शुरू की और 20 अगस्त को सतेन्द्र का शव बरगी के जंगल से बरामद किया गया। यह एक गुमशुदगी से हत्या का मामला बन गया।

जाँच के दौरान पुलिस ने सतेन्द्र की कॉल डिटेल्स खंगाली, जिससे उन्हें अंतिम कॉल और मैसेज की जानकारी मिली। इसी आधार पर, पुलिस ने आरोपी सचिन यादव को हिरासत में लिया। सचिन ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस ने सचिन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी आशीष धुर्वे समेत अन्य चार आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।