जबलपुर: लापता भाई की तलाश में बहनें दिन-रात कर रहीं जतन, ₹21,000 का इनाम घोषित
जबलपुर: शहर के भेड़ाघाट थाना क्षेत्र से 20 जुलाई से लापता 27 वर्षीय उज्ज्वल चौधरी को खोजने के लिए उनकी दोनों बहनें दिन-रात एक कर रही हैं। पुलिस की प्रारंभिक जाँच में कोई सफलता न मिलने पर, परिवार ने हार नहीं मानी है। उन्होंने अपने भाई का पता लगाने के लिए एक भावनात्मक और अनूठा अभियान शुरू किया है, जिसके तहत शहर और आसपास के जिलों में अब तक हजारों पोस्टर लगाए गए हैं और जानकारी देने वाले को ₹21,000 का इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
20 जुलाई से है लापता
भेड़ाघाट थाने में उज्ज्वल चौधरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज है। परिजनों के अनुसार, 20 जुलाई की सुबह उज्ज्वल घर से निकला था, लेकिन वह बिना बताए कहाँ गया, इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। उसका फोन भी बंद आ रहा है, जिससे संपर्क पूरी तरह टूट गया है। उसके अचानक लापता होने के बाद से परिवार गहरे सदमे में है, लेकिन उसकी दोनों बहनें, पूजा और नीतू (काल्पनिक नाम), अपने भाई को वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं।
हजारों पोस्टर, हर चौराहे पर तलाश
पुलिस की शुरुआती जाँच के बाद भी उज्ज्वल का कोई सुराग नहीं मिल पाया, जिससे बहनों ने खुद ही इस मुहिम की कमान संभाली। उन्होंने अपने भाई की तस्वीर वाले हजारों पोस्टर बनवाए हैं। वे खुद इन पोस्टरों को लेकर शहर के प्रमुख चौराहों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और अस्पतालों में लगा रही हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने जबलपुर के साथ-साथ मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर और दमोह जैसे आसपास के जिलों में भी पोस्टर चिपकाए हैं।
पूजा ने बताया, "हमें उम्मीद है कि कोई न कोई उसे देखेगा। हम थकते नहीं हैं, क्योंकि जब तक हमारा भाई वापस नहीं आ जाता, हम चैन से नहीं बैठ सकते।" उनकी यह पहल लोगों का ध्यान खींच रही है और लोग उनकी हिम्मत की सराहना भी कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी अपील
पोस्टर के साथ-साथ, परिवार ने सोशल मीडिया का भी सहारा लिया है। उज्ज्वल की बहनों ने फेसबुक और वॉट्सऐप पर भी अपने भाई की तस्वीर और लापता होने की जानकारी साझा की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस संदेश को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, ताकि यह दूर-दूर तक पहुँच सके।
परिवार ने उम्मीद जताई है कि जो कोई भी उज्ज्वल के बारे में कोई जानकारी रखता हो, वह तुरंत पुलिस या उनके परिजनों से संपर्क करे। उन्होंने ₹21,000 का इनाम इसलिए रखा है, ताकि कोई भी व्यक्ति जानकारी देने में हिचकिचाए नहीं। उनका कहना है कि यह राशि सिर्फ एक प्रोत्साहन है, उनके लिए उनके भाई की वापसी से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
यह मामला दिखाता है कि कैसे एक परिवार अपने प्रियजन को खोजने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। पुलिस भी इस मामले को गंभीरता से ले रही है, लेकिन परिवार की अपनी कोशिशें भी जारी हैं, जिससे उम्मीद की एक किरण बनी हुई है।
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर