जबलपुर में चुनाव की तैयारी: 167 नए मतदान केंद्र बनेंगे, कलेक्टर ने बुलाई बैठक
जबलपुर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में युक्तियुक्तकरण (Rationalization of Polling Stations) से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिषेक सिंह ठाकुर, सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी निर्वाचन को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण सुनिश्चित करना रहा। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या 1500 से अधिक है, उन्हें घटाकर अधिकतम 1200 मतदाताओं तक सीमित करना आवश्यक है। इसी के तहत जबलपुर जिले में 167 नए मतदान केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।
कलेक्टर श्री सक्सेना ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि मतदाताओं की सुविधा सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों का निर्धारण इस तरह से किया जाए कि किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुँचने में अत्यधिक दूरी न तय करनी पड़े। जिन मतदान केंद्रों की दूरी अधिक है या जहाँ भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, वहाँ नए केंद्रों का गठन या स्थान परिवर्तन आवश्यक होगा।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने मांग रखी कि नए बनाए जाने वाले मतदान केंद्र ऐसे स्थानों पर हों जो आसानी से पहुँच योग्य हों और जहाँ पेयजल, शौचालय एवं बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हों।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिषेक सिंह ठाकुर ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए प्रस्ताव तैयार किया गया है। नए मतदान केंद्रों की सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे अपनी आपत्तियाँ या सुझाव समय सीमा के भीतर प्रस्तुत कर सकें।
कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मतदान केंद्रों का भौतिक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि वहाँ दिव्यांगजनों एवं वृद्ध मतदाताओं के लिए रैम्प और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है और इसे सुचारू एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर पारदर्शिता और सुविधा आवश्यक है।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि जिन स्थानों पर विद्यालय भवन या शासकीय भवन उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ वैकल्पिक व्यवस्थाएँ की जाएँगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी मतदान केंद्र पर भीड़भाड़ की स्थिति न बने।
अंत में कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना ने सभी उपस्थित अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे मिलकर कार्य करें ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में जिले का मतदान प्रतिशत और अधिक बढ़ाया जा सके तथा मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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