जबलपुर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत, 5 माह की एक बच्ची को मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना का लाभ मिला है। हृदय रोग से पीड़ित इस बच्ची, रियांशी चौकसे की सफल सर्जरी कर उसे नया जीवन प्रदान किया गया है। यह पूरा प्रयास जिला कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में संभव हो पाया।

आर.बी.एस.के. टीम की तत्परता

मामला उस समय सामने आया, जब आर.बी.एस.के. (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) टीम स्कीम नंबर 19, जे.डी.ए. बिल्डिंग, मदनमहल, जबलपुर में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंची। टीम में शामिल डॉ. माधुरी मिश्रा, डॉ. सुमेधा झा, और फार्मासिस्ट श्री दीपक ने पाया कि अभिषेक चौकसे की 5 माह की बेटी रियांशी जन्म से ही हृदय रोग से ग्रस्त है। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी डी.ई.आई.एम. और जिला प्रबंधक, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, श्री सुभाष शुक्ला को दी।

तत्काल उठाया गया कदम

श्री सुभाष शुक्ला ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, जिला अस्पताल के विषय विशेषज्ञों से बच्ची की जांच कराई। विशेषज्ञों की अनुशंसा के बाद, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. नवीन कोठारी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा से अनुमति ली गई।

डॉ. संजय मिश्रा के निर्देश पर, जिला नोडल अधिकारी आर.बी.एस.के. कार्यक्रम, डॉ. एस.एस. दाहिया, और श्री सुभाष शुक्ला ने तत्काल बच्ची का रजिस्ट्रेशन मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत करवाया। परिजन की सहमति मिलने के बाद, बच्ची को मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल, जबलपुर में रेफर किया गया।

निःशुल्क सर्जरी से मिला नया जीवन

मेट्रो प्राइम हॉस्पिटल में 2 सितंबर 2025 को बालिका रियांशी की निःशुल्क सफल सर्जरी की गई, जिसके बाद वह पूरी तरह स्वस्थ है। इस सफल सर्जरी के बाद, रियांशी के परिवार ने मध्य प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन, और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री, कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, और आर.बी.एस.के. टीम के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने एक गरीब परिवार की बच्ची को जीवनदान दिया। यह घटना दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं जरूरतमंदों के लिए किस तरह वरदान साबित हो रही हैं।