खाद संकट से गुजर जिला किसानो की हालत ख़राब रात्रि कालीन लगती है लाइन
उमरिया - प्रदेश के अन्य जिलों की तरह उमरिया भी खाद संकट से गुजर रहा है किसानो को खेती के लिए रकवे के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है परेशान किसान मजबूरी बस दुकानों से तीन गुना बढ़ते दर से खाद खरीदी कर रहे है वही जब संभाग के डीएमओ आंनद पाण्डेय से बात किया गया तो उनका कहना है की गत वर्ष इससे कम खाद की वितरण किसानो को दिया गया था लेकिन अब किसानो की मांग इस वर्ष पिछले वर्षो की अपेक्षा ज्यादा हो गई यह समझ मे नहीं आ रहा है की इतनी मांग कैसे बढ़ गई है.. यह कहते हुये अपना पल्ला झाड़ लिया.
टोकन के लिए रात से लगती है लाइन
जब खाद वितरण मे देखा गया की हजारों किसान आधार कार्ड ऋण पुस्तिका लिए रात 3 बजे से लाइन मे लग जाते है उन्हें जल्दी खाद मिल जाए अनेक ग्रामीणों द्वारा बताया गया की उमरिया से लेकर मानपुर, पाली सभी जगह किसानो की संख्या अधिक होने पर अव्यवस्था भी हो रही है अभी तक जिले मे खाद वितरण व्यवस्था को लेकर कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई है किसानो का कहना है की रातो मे ही आ कर लाइन लगा लेते है खाद नहीं मिलेगा तो खेती का समय व्यतीत हो जाएगा.
एसडीएम ने किया खाद बीज दुकानों का औचक निरिक्षण *
अनुविभागीय अधिकारी बांधवगढ़ तहसील कमलेश नीरज को खाद वितरण को लेकर जैसे ही कुछ भ्रमित जानकारी मिलने पर अचानक अपनी राजस्व टीम लेकर बीज खाद दुकानों मे जाँच करना प्रारम्भ कर दिया हालांकि अभी ऐसा कुछ नहीं मिला की शहर की दुकानों मे महगे दरो मे खाद बेचा जा रहा हो कुछ दुकाने बंद थी कुछ मे माल ही नहीं था ऐसे मे काला बाजारी को लेकर उठ रहे सवाल फिलहाल थब लगा हुआ है..
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