जबलपुर में माही शुक्ला को एक और वीडियो वायरलः नकली किन्नर को पकड़ा जमकर की धुनाई
जबलपुर: शहर के गौरीघाट क्षेत्र में उस वक्त हंगामा मच गया, जब असली किन्नर समाज ने जबरन वसूली और लोगों को परेशान करने वाले एक नकली किन्नर को रंगे हाथों पकड़ा। किन्नर माहि शुक्ला और उनके साथियों ने मिलकर इस युवक की सरेआम पिटाई की और फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने जबलपुर में 'नकली किन्नरों' के बढ़ते आतंक और उनके खिलाफ उठ रही आवाजों को उजागर कर दिया है।
जबरन वसूली और धमकी देने का आरोप
यह घटना गौरीघाट के संत नगर इलाके की है, जहां 32 वर्षीय एक युवक पिछले कई महीनों से नकली किन्नर बनकर घूम रहा था। स्थानीय लोगों की शिकायत थी कि वह लोगों से जबरदस्ती पैसे मांगता था और पैसे न देने पर उन्हें धमकाता था। उसकी हरकतों से परेशान होकर, गौरीघाट किन्नर समाज की मुखिया माहि शुक्ला को सूचना दी गई। इसके बाद, माहि शुक्ला ने अपने साथियों के साथ मिलकर मौके पर दबिश दी और इस नकली किन्नर को धर दबोचा।
'यह पहली बार नहीं, जेल से छूटकर फिर वही हरकत'
माहि शुक्ला ने बताया कि यह युवक एक आदतन अपराधी है। उन्होंने कहा, "पिछले चार महीनों से हमें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि यह आदमी इलाके में लोगों को परेशान कर रहा है। आज जब हमने इसे पकड़ा तो पता चला कि यह वही व्यक्ति है, जिसे हमने एक साल पहले भी भीम नगर में अवैध वसूली करते हुए पकड़ा था।" माहि शुक्ला ने बताया कि उस समय भी उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन जेल से छूटने के बाद उसने फिर से अपनी हरकतें शुरू कर दीं।
पुलिस को सौंपा, मामला दर्ज
मौके पर हुई पिटाई के बाद, किन्नर माहि शुक्ला ने आरोपी युवक को गौरीघाट पुलिस स्टेशन ले जाकर सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लोगों को धमकाने और अवैध वसूली के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नकली गैंग से सावधान रहने की अपील
माहि शुक्ला ने इस घटना के माध्यम से आम जनता को संदेश दिया है। वायरल वीडियो में वह स्पष्ट रूप से कह रही हैं कि लोग ऐसे नकली किन्नरों को किसी भी हाल में पैसा न दें। उन्होंने कहा, "जबलपुर में नकली किन्नरों की गैंग तेजी से बढ़ रही है, जो हमारी वेशभूषा का गलत इस्तेमाल करके समाज को बदनाम कर रही है।" उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी नकली किन्नर उन्हें परेशान करे, तो वे सीधे पुलिस को या फिर किन्नर समुदाय के मुखिया से संपर्क करें, ताकि ऐसे धोखेबाजों पर लगाम लगाई जा सके। इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऐसे गिरोहों को रोकने के लिए प्रशासन को और क्या कदम उठाने चाहिए।
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