शहडोल। ज़िले में रजिस्ट्री घोटाले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सख़्त रुख अपनाते हुए पांच सेवा प्रदाताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे ज़िले में हड़कंप मच गया है।

जारी आदेश के अनुसार, बिना अनुमति और प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्री कराई गई थी। जाँच में सामने आया कि सेवा प्रदाताओं ने फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर विक्रय पत्र बनाए और नियमों का उल्लंघन करते हुए रजिस्ट्री कराई।

निलंबित सेवा प्रदाताओं में शामिल हैं –
मोहम्मद सैफ़ अंसारी,अभिषेक कुमार गुप्ता, गंगा सागर सिंह, प्रीति शुक्ला, स्वरूप सरकार.

कलेक्टर ने साफ़ शब्दों में कहा कि नियमों के विपरीत काम करने वालों पर सख़्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही अन्य दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्यवाही की तैयारी चल रही है।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिलेभर में रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी नाम सामने आ सकते हैं, जिससे घोटाले की परतें और खुलने की संभावना है।