जबलपुर। खितौला स्थित इसाफ बैंक में 11 अगस्त को हुई 15 किलो सोना और नगदी की दिनदहाड़े डकैती ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया था। घटना के एक माह बाद भी पुलिस को तीन मुख्य आरोपियों का सुराग नहीं मिला है। अब पुलिस ने फरार चल रहे इन तीनों पर 30-30 हजार रुपये का इनाम घोषित कर उनकी तलाश तेज कर दी है।

मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी, बाकी गैंग फरार

पुलिस के अनुसार इस सनसनीखेज वारदात का मास्टरमाइंड राजेश दास उर्फ आकाश पहले ही पकड़ा जा चुका है। उसकी गिरफ्तारी के समय पुलिस ने लगभग तीन किलो सोना बरामद किया था। पूछताछ में राजेश ने खुलासा किया कि उसके तीन सहयोगी—सुनील पासवान, गोलू पासवान और बच्चू सिंह—डकैती की योजना में शामिल थे और लूटे गए सोने का बड़ा हिस्सा उन्हीं के पास होने की संभावना है।

पुलिस की कई टीमें सक्रिय

जबलपुर पुलिस ने फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों सहित अन्य राज्यों के बॉर्डरों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही तीनों आरोपी कानून की गिरफ्त में होंगे और लूटा गया पूरा माल बरामद कर लिया जाएगा।

वारदात की पूरी कहानी

11 अगस्त की दोपहर हथियारबंद बदमाशों ने खितौला स्थित इसाफ बैंक में धावा बोला। चंद मिनटों में बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाकर 15 किलो सोना और नकदी लेकर बदमाश फरार हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई और पुलिस ने चारों ओर नाकाबंदी कर जांच शुरू की। अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि तीन मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

आमजन में दहशत, पुलिस पर दबाव

बैंक में दिनदहाड़े हुई इस डकैती ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आसपास के व्यापारी और बैंक कर्मचारी अब भी भय में हैं। पुलिस प्रशासन पर भी घटना के शीघ्र समाधान का दबाव बढ़ता जा रहा है।जबलपुर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि— “फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इनाम घोषित करने का उद्देश्य उनकी गिरफ्तारी में आम नागरिकों को भी सहयोग के लिए प्रेरित करना है।”इस सनसनीखेज डकैती ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं बल्कि बैंक सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर किया है। अब देखना होगा कि पुलिस कितनी जल्दी फरार आरोपियों को पकड़ पाती है और लूटे गए पूरे सोने को बरामद कर पाती है।