हाईकोर्ट सख्त: परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव और आयुक्त पर अवमानना नोटिस
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने आदेश की अवहेलना करने पर परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव और परिवहन आयुक्त को अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को छह सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मामला जबलपुर निवासी नरेंद्र नाथ त्रिपाठी की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने यात्री बस संचालन हेतु नियमित स्टेज कैरिज परमिट के लिए 12 दिसंबर 2023 को परिवहन विभाग में आवेदन किया था। विभाग से लगातार पत्राचार करने के बावजूद न तो आवेदन पर विचार हुआ और न ही कोई जवाब मिला।
इसके बाद त्रिपाठी ने हाईकोर्ट की शरण ली। 25 सितंबर 2024 को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग को स्पष्ट आदेश दिए थे कि 45 दिन के भीतर याचिकाकर्ता के आवेदन पर विचार कर आवश्यक निर्णय लें और परमिट प्रदान करें।
लेकिन आदेश जारी होने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर नाराज होकर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की। जस्टिस डीडी बंसल की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव और परिवहन आयुक्त को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।
कोर्ट ने कहा कि सरकारी विभागों द्वारा न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी गंभीर मामला है। दोनों अधिकारियों को छह सप्ताह के भीतर लिखित जवाब दाखिल करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि प्रशासनिक लापरवाही और आदेशों की अवमानना को अदालत बर्दाश्त नहीं करेगी। अब नजर इस बात पर है कि परिवहन विभाग समय रहते अपना स्पष्टीकरण पेश कर पाता है या नहीं।
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