जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन ने एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत जबलपुर जिले की कमान अब राघवेंद्र सिंह को सौंपी है। आगर मालवा के पूर्व कलेक्टर रहे राघवेंद्र सिंह ने बुधवार को संस्कारधानी पहुंचकर विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। इससे पहले उन्होंने परंपरा और आस्था का परिचय देते हुए मां नर्मदा के पावन तट गौरीघाट पर जाकर दर्शन और पूजन किया।

मां नर्मदा के दर्शन से शुरुआत

नवागत कलेक्टर सुबह-सुबह सीधे गौरीघाट पहुंचे। उन्होंने मां नर्मदा के समक्ष शीश नवाकर जिले की समृद्धि, शांति और जनकल्याण की प्रार्थना की। स्थानीय पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका स्वागत किया। कलेक्टर ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं से संवाद करते हुए कहा कि जबलपुर मां नर्मदा की कृपा से ही ‘संस्कारधानी’ कहलाता है और इस आशीर्वाद से ही जिला प्रगति करता रहेगा।

पूर्व कलेक्टर का तबादला

इससे पहले तत्कालीन कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना का तबादला कर उन्हें भोपाल में जनसंपर्क आयुक्त कार्यालय भेजा गया है। उनके कार्यकाल में कई विकास योजनाओं को गति मिली। राघवेंद्र सिंह ने पदभार ग्रहण करते ही कहा कि वे इन योजनाओं को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे।

सादगी बनी चर्चा का विषय

गौरीघाट से लौटकर राघवेंद्र सिंह सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला। बिना किसी विशेष प्रोटोकॉल के साधारण अंदाज़ में पहुंचने पर अधिकारी-कर्मचारी और आमजन ने उनका स्वागत किया। उनकी सादगी और परंपराओं के प्रति सम्मान पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया।

जनता के लिए प्राथमिकताएं

पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा में नवागत कलेक्टर ने कहा कि उनकी शीर्ष प्राथमिकताएं पारदर्शी प्रशासन, समयबद्ध जनसुनवाई, विकास कार्यों को गति देना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना होंगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, इसके लिए वे हर संभव कदम उठाएंगे।

जनता से सीधा संवाद

राघवेंद्र सिंह ने साफ कहा कि वे जनता से सीधा संवाद स्थापित करेंगे और समस्याओं के त्वरित निराकरण को सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सुझावों और शिकायतों के लिए बेझिझक प्रशासन तक पहुंचें।

नई उम्मीदें

संस्कारधानी जबलपुर के लोग अब राघवेंद्र सिंह से विकास की नई दिशा की उम्मीद कर रहे हैं। मां नर्मदा के दर्शन से प्रशासनिक कार्यों की शुरुआत ने शहरवासियों के मन में सकारात्मक ऊर्जा और विश्वास पैदा किया है।नवागत कलेक्टर की यह आस्थापूर्ण और सरल शुरुआत संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में जबलपुर जिले में जनहित और सुशासन की नई कहानी लिखी जाएगी।