जबलपुर मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितता का बड़ा खुलासा, कर्मचारियों के CPF और NPS खातों में करोड़ों की हेराफेरी का आरोप
जबलपुर: नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। कॉलेज के सैकड़ों कर्मचारियों ने अधिष्ठाता को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि उनके सी.पी.एफ. (CPF) और एन.पी.एस. (NPS) खातों में उनके वेतन से काटी गई पूरी राशि जमा नहीं की गई है। इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
लाखों की हेराफेरी का आरोप
कर्मचारियों ने अपनी शिकायत में बताया है कि यह गड़बड़ी कोई नई नहीं है, बल्कि यह सिलसिला 2007 से चला आ रहा है। उस समय सी.पी.एफ. की कटौती होती थी। इसके बाद 1 अगस्त 2018 से जब एन.पी.एस. योजना लागू हुई, तब भी यही लापरवाही जारी रही। कर्मचारियों का कहना है कि उनके वेतन से हर महीने जो पैसा काटा जाता है, वह पूरा उनके खातों में जमा नहीं किया गया।
कर्मचारियों ने अधिष्ठाता को सौंपे गए ज्ञापन में एक चौंकाने वाला आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी संस्थान की दो अलग-अलग स्थापनाओं में काम करने वाले कर्मचारियों के साथ दोहरे मापदंड अपनाए गए। संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों के खातों में तो राशि पूरी जमा नहीं हुई, जबकि अन्य कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के खातों में उनकी पूरी राशि समय पर जमा कर दी गई। इस असमानता ने कर्मचारियों के बीच रोष को और बढ़ा दिया है।
कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस गंभीर वित्तीय लापरवाही से नाराज कर्मचारियों ने अधिष्ठाता से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
उच्च स्तरीय जांच: इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच तुरंत कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके।
ब्याज सहित भुगतान: जिन कर्मचारियों की राशि उनके खातों में जमा नहीं हुई है, उसे तत्काल समायोजित कर ब्याज सहित भुगतान किया जाए।
जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई: इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो। कर्मचारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। अपने अधिकारों की रक्षा के लिए वे व्यापक आंदोलन और प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।इस मौके पर अजय दुबे, सुनीला इशादीन, विजय तिवारी, राजू मस्के सहित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सैकड़ों कर्मचारी मौजूद थे, जिन्होंने इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त की और जल्द न्याय की मांग की।
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