जबलपुर, मध्य प्रदेश। पनागर पुलिस की सतर्कता से गौ-तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक पिकअप वाहन में क्रूरतापूर्वक ले जाई जा रही तीन गायों को पुलिस ने राहगीरों की सूचना पर बचाया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही वाहन चालक मौके से फरार हो गया। यह घटना बताती है कि किस तरह से जानवरों को बेरहमी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा है।

 

राहगीरों ने सुनीं गायों की चीखें

 

यह घटना तब हुई जब एक पिकअप वाहन जबलपुर-पनागर मार्ग से गुजर रहा था। वाहन के अंदर बंद तीन गायें दर्द से बुरी तरह चिल्ला रही थीं। उनकी दर्द भरी आवाजें सुनकर वहां से गुजर रहे कुछ जागरूक राहगीरों ने तुरंत इस बात की सूचना पनागर थाने को दी। सूचना मिलते ही, पनागर थाने की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन का पीछा किया और उसे रोकने की कोशिश की।

 

चालक वाहन छोड़कर भागा

 

पुलिस को अपनी ओर आता देख वाहन चालक घबरा गया। उसने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए तुरंत वाहन को रोका और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, तो देखा कि तीन गायों को बेहद अमानवीय तरीके से बांधकर उसमें रखा गया था। गायों की हालत बेहद खराब थी और वे बुरी तरह डरी हुई थीं।

 

गायों को गौशाला भेजा गया, आरोपी की तलाश जारी

 

पुलिस ने तत्काल गायों को वाहन से बाहर निकाला और उन्हें पास की एक गौशाला में सुरक्षित पहुंचाया ताकि उनकी देखभाल और इलाज हो सके। इस मामले में पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत वाहन चालक आदित्य तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। यह घटना एक बार फिर से जानवरों की तस्करी और उनके प्रति होने वाली क्रूरता की गंभीर समस्या को उजागर करती है।