जबलपुर शहर के कांचघर चौक पर रविवार को NSUI (भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन) ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के आयोजन के खिलाफ एक बड़ा और उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पोस्टरों को आग लगाई बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और BCCI के सचिव जय शाह के पोस्टर भी जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि आग बुझाने की कोशिश में एक पुलिसकर्मी और कुछ कार्यकर्ता झुलसते-झुलसते बचे।

पैसे के लालच में देश का सम्मान दांव पर: NSUI
प्रदर्शन के दौरान, NSUI के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर तीखे आरोप लगाए। उनका कहना था कि कुछ पैसों के लालच में आकर सरकार और BCCI ने देश के गौरव और सम्मान को दांव पर लगा दिया है। NSUI कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक पाकिस्तान अपनी आतंकी गतिविधियों को बंद नहीं करता, तब तक उसके साथ किसी भी तरह का संबंध, चाहे वह खेल का ही क्यों न हो, स्वीकार्य नहीं है।

चूड़ियों की भेंट और चंदा जमा करने की अपील
अपने विरोध को और प्रतीकात्मक बनाने के लिए, NSUI के कार्यकर्ताओं ने अमित शाह और जय शाह के नाम पर चूड़ियां भेंट कीं, जो उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को सौंपी। इस कदम को भाजपा सरकार की नीतियों के प्रति एक 'कमजोर' रवैये के रूप में दर्शाया गया।

इसके अलावा, NSUI ने एक अनूठी पहल की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि वे पूरे देश में 'चंदा' इकट्ठा करेंगे ताकि BCCI को यह राशि सौंपी जा सके। उनका व्यंग्यात्मक तर्क था कि शायद BCCI की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए वे पैसे के लिए ऐसे मैच का आयोजन कर रहे हैं। इस कदम के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि देश की जनता अपने स्वाभिमान की कीमत जानती है और उसे बेचने नहीं देगी।

प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक
कांचघर चौक पर प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। जब कार्यकर्ताओं ने पोस्टरों में आग लगाई, तो पुलिस ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, जिससे एक पुलिसकर्मी और कुछ कार्यकर्ता झुलसने से बाल-बाल बचे। इस घटना के बाद, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया गया। NSUI ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसे मैच आयोजित होते रहे तो उनका विरोध जारी रहेगा।