जबलपुर,  अपनी अनूठी शैली के लिए जाने जाने वाले संत कंप्यूटर बाबा एक बार फिर शिवराज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रहे हैं। इस बार उनका मुद्दा गौ-माता की दुर्दशा है। कंप्यूटर बाबा ने गौवंश के लिए भिक्षा पात्र लेकर सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि जब मोहन सरकार को गाय की याद नहीं आ रही, तो अब गाय को ही मोहन की याद दिलानी पड़ेगी।

7 अक्टूबर से 'गौ माता न्याय यात्रा'

कंप्यूटर बाबा ने बताया कि गौ माता को बचाने के लिए वह 7 अक्टूबर से 'गौ माता न्याय यात्रा' शुरू करेंगे। यह यात्रा जबलपुर से शुरू होकर 14 अक्टूबर को भोपाल पहुंचेगी। इस यात्रा में हजारों की संख्या में साधु-संत, युवा, किसान और गौवंश शामिल होंगे। उनका कहना है कि सड़कों पर गौमाता तड़प-तड़पकर मर रही हैं और उनकी यह दुर्दशा अब बर्दाश्त नहीं होती।

मुख्यमंत्री आवास का घेराव और गौ-माता को राष्ट्र-माता बनाने की मांग

कंप्यूटर बाबा ने कहा कि वे गौवंश को लेकर सीधे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। उन्होंने एक अनोखे विरोध प्रदर्शन की बात भी कही। बाबा ने बताया कि वे गाय की सींगों में ज्ञापन टांगकर मुख्यमंत्री को जगाने का काम करेंगे। उनकी मुख्य मांगों में गौ-माता को 'राष्ट्र-माता' घोषित करना और गौशालाओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करना शामिल है।

बाबा ने यह भी चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे गौवंश के साथ मुख्यमंत्री आवास के बाहर ही रहेंगे। इस आंदोलन के लिए वे सड़कों पर भिक्षा भी मांग रहे हैं, ताकि गौवंश के लिए चारा और गौशालाओं की व्यवस्था की जा सके। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और विश्व हिंदू परिषद समेत तमाम हिंदू संगठनों से गौवंश को बचाने के लिए अपील की है। बाबा ने बताया कि पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में गौवंश को ट्रक और सड़क मार्ग से भोपाल ले जाया जाएगा।