उमरिया। जिले के उत्कृष्ट विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य उदयभान सिंह सोलंकी पर गंभीर अनियमितताओं और मनमानी का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपा। मंत्री के उमरिया आगमन पर परिषद पदाधिकारियों ने विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिकायत की गई।

शाला विकास शुल्क में फर्जीवाड़ा का आरोप

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रभारी प्राचार्य द्वारा विद्यार्थियों से ₹700 की अतिरिक्त वसूली की जा रही है, जिसे शाला विकास शुल्क बताया गया है। इस शुल्क की रसीद न तो विद्यालय की अधिकृत मुहर लगाई जाती है, न ही उस पर स्‍कूल का डाइस कोड होता है। इसके अलावा, नामांकन शुल्क ₹25 की जगह ₹35 वसूला जा रहा है, जो शासकीय नियमों के विरुद्ध है।

एआई की कक्षाएं ठप्‍प, विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा लाभ

ईएफए योजना के तहत विद्यालय को नौवीं और दसवीं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय हेतु 40 कंप्यूटर सेट उपलब्ध कराए गए थे। भोपाल से ऑनलाइन लिंक के माध्यम से कक्षाएं संचालित होती है, लेकिन प्रभारी प्राचार्य की अक्रमण्‍यता एवं उदासीनता के कारण लैब संचालित नहीं है, जबकि त्रैमासिक परीक्षा निकट है, परंतु विद्यार्थियों को विषय सामग्री तक उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

स्‍कूल में पुस्तकें और खेल सामग्री भी नही दी जाती

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि शासन द्वारा आबंटित पुस्तकें और खेल सामग्री विद्यार्थियों को नहीं दी जा रही हैं, जिससे उनकी शैक्षणिक और खेलकूद विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव, विद्यालय में अव्यवस्था

विद्यालय में स्‍वच्‍छ पेयजल की व्यवस्था नहीं है, वाटर कूलर भी खराब पड़े हुए हैं। कक्षाओं में फर्नीचर, पंखे और लाइट की अत्‍यधिक कमी है तथा कक्षों के खिड़की-दरवाजे भी टूटे पड़े हुए हैं। वाशरूम की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है, जहां साफ-सफाई नहीं होती हैं। प्रभारी प्राचार्य बिना सूचना के विद्यालय से अधिकांशत: अनुपस्थित रहते हैं, जिससे विद्यालय का प्रशासनिक कार्य भी बाधित होता है।

विवादित रहे प्राचार्य श्री सोलंकी, कार्यवाही लंबित

परिषद पदाधिकारियों ने बताया कि जनवरी में कलेक्टर, जिला उमरिया द्वारा प्रभारी प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई हेतु कमिश्‍नर शहडोल को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अब तक कमिश्नर स्तर पर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया, जिसके कारण प्राचार्य सोलंकी के हौसले बुलंद हो गए हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि वर्ष 2018 में यूबी सिंह पर मॉडल विद्यालय बरबसपुर में एक छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप लगा था, जिसके बाद तत्कालीन अधिकारियों ने उन्हें निलंबित भी किया था।

विद्यार्थी परिषद की मांग

परिषद ने मांग की है कि विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण मिल सके।