भ्रष्टाचार से जुड़ी अपूर्ण जाँच को पूर्ण कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई कि की मांग

बालाघाट : - बालाघाट जिले कि पंचायतों में भ्रष्टाचार के मामले तो आए दिन सुनने मिलती हैं जिसका विरोध जागरूक ग्रामवासी या पत्रकार करते हैं।
 किंतु इस बार सिर्फ ग्रामवासी ही नहीं बल्कि पंचायत के पंचों ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है, इस बार मामला बालाघाट जिले के बिरसा जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बाहकल  का है । ग्रामवासी और पंचो ने शिकायत की है कि ग्राम पंचायत बाहकल में सरपंच, उपसरपंच, सचिव, रोजगार सहायक के द्वारा पचायत कार्यों में पंचायत की राशि का दुरूपयोग कर अनियमितता निरंतर बरती जा रही है। जिसकी शिकायत  
जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को 26.08.2024 को समस्त ग्रामवासी एवं पंचों के द्वारा लिखित आवेदन किया था। जिसके बाद जांच कर्ताओं के द्वारा जांच स्थल पर शिकायतकर्ता को ना ले जाकर अन्य लोगों के समक्ष जांच कर लिया गया एवं जांच में लीपा-पोती कर शिकायत वापस लेने हेतु जिला पंचायत में अन्य लोगों को खड़ा किया गया था । इन लोगों को कई प्रकार का प्रलोभन देकर मामले को ठंडा करने की कोशिश की गई।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि
इन लोगों को  शिकायत वापस लेने के एवज में 100 रू के स्टाम्प पेपर में पंचायत मद की राशि से मंदिर निर्माण करने का प्रलोभन बगैर पंचों, ग्रामसभा, व बैठक प्रस्ताव के दिया गया उपसरपंच के द्वारा अपने नाम से फर्जी वेंडर बनाकर पंचायत की राशि का अहरण किया गया। ग्राम पंचायत बाहकल में इस पंचवर्षीय में हुए तमाम निर्माण कार्यों में हुये भारी भ्रष्टाचार की जांच शिकायतकर्ताओं के समक्ष की जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। 
शिकायतकर्ताओं ने पुनः जिला पंचायत आकर लिखित आवेदन देकर निवेदन किया है कि भ्रष्टाचार में लिफ्ट सरपंच के ऊपर धारा 40 एवं उपसरपच, सचिव, सहायक सचिव के ऊपर धारा 92 के तहत पद से पृथक करने की कार्यवाही किया जाना न्यायोचित होगा।