इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अचानक खेत में गिरी
जबलपुर,। गोटेगांव के लाठ-पिपरिया गांव में सोमवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हवा में उड़ रहे एक बड़े गुब्बारे में बंधी हुई एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अचानक खेत में आ गिरी। इस अजीबोगरीब वस्तु को देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए और फौरन पुलिस को सूचना दी। उन्हें लगा कि यह कोई खतरनाक या जासूसी करने वाला यंत्र हो सकता है।

पुलिस और प्रशासन में मचा हड़कंप, जांच में हुआ खुलासा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में भी खलबली मच गई। गोटेगांव के एसडीओपी मनीष त्रिपाठी तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 11रू30 बजे लाठगांव-पिपरिया के किसान खोबा सिंह पटेल ने अपने खेत में एक गुब्बारे से लटकी हुई यह डिवाइस देखी थी। डिवाइस पर एक एंटीना (एरियल) भी लगा हुआ था, जिससे लोगों का डर और बढ़ गया था।पुलिस ने तत्काल कृषि विभाग और मौसम विभाग से संपर्क साधा। करीब एक घंटे की गहन छानबीन और विशेषज्ञों से बातचीत के बाद इस रहस्यमयी डिवाइस का खुलासा हुआ। पुलिस ने ग्रामीणों को बताया कि यह कोई जासूसी यंत्र या खतरनाक वस्तु नहीं, बल्कि जबलपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र का एक वैज्ञानिक उपकरण था।

वैज्ञानिक कार्यों के लिए होती है उपयोग
मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारी देवेंद्र तिवारी ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह डिवाइस उनकी रेडियोसोंडे प्रणाली (त्ंकपवेवदकम ैलेजमउ) का हिस्सा है। यह एक वेब-आधारित उपकरण है, जिसे मौसम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे हवा की दिशा, गति, तापमान, और आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) को मापने के लिए हवा में छोड़ा जाता है। जैसे-जैसे गुब्बारा ऊंचाई पर जाता है, यह डिवाइस लगातार डेटा एकत्र करके मौसम विभाग को भेजती रहती है। जब गुब्बारा एक निश्चित ऊंचाई पर फट जाता है, तो यह डिवाइस पैराशूट की मदद से धीरे-धीरे जमीन पर वापस आ जाती है। यह भी गौरतलब है कि दो दिन पहले भी इसी तरह की एक डिवाइस नरसिंहपुर जिले के देवरी राजमार्ग पर मिली थी। इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि इन उपकरणों का उपयोग वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है और इनसे आम जनता को कोई खतरा नहीं है। पुलिस की पुष्टि के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और उनका डर दूर हुआ।