जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल का मानसिक रोग विभाग मंगलवार देर रात उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब खुद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने रात 11 बजे अचानक वहाँ पहुँचकर हड़कंप मचा दिया। यह औचक निरीक्षण एक बेहद शर्मनाक और गंभीर घटना के बाद हुआ, जहाँ इलाज के लिए भर्ती एक मरीज को चूहों ने कुतर दिया था।


 

चूहों ने कुतरा मरीज को: कलेक्टर ने ली रिपोर्ट

 

बताया जाता है कि अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में भर्ती एक मरीज के साथ यह अमानवीय घटना हुई। इलाज के लिए अस्पताल आए मरीज की सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक की खबर जैसे ही कलेक्टर तक पहुँची, उन्होंने तुरंत कार्रवाई का मन बनाया। देर रात होते हुए भी उन्होंने सीधे अस्पताल का रुख किया और सबसे पहले उस वार्ड में गए जहाँ घटना हुई थी। उन्होंने मरीज की स्थिति और घटना के बारे में डॉक्टरों और स्टाफ से विस्तार से जानकारी ली।


 

"लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं"

 

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों और पूरे स्टाफ को जमकर फटकार लगाई। उनका लहजा बेहद सख्त था। उन्होंने दो टूक कहा, "मैं इस तरह की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करूँगा। आप अपनी व्यवस्थाएँ तुरंत सुधार लें।" उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर भविष्य में ऐसी कोई भी घटना दोबारा हुई तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने स्टाफ से पूछा कि आखिर मरीजों की देखभाल में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती जा रही है? उन्होंने कहा कि मरीज यहाँ इलाज के लिए आते हैं, न कि ऐसी भयावह और अमानवीय परिस्थितियों का सामना करने के लिए। उन्होंने स्टाफ को अपनी समस्याओं को खुलकर बताने के लिए भी कहा ताकि उनका समाधान निकाला जा सके।


 

अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप

 

कलेक्टर के इस औचक दौरे से न सिर्फ मानसिक रोग विभाग, बल्कि पूरे मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। इस घटना ने एक बार फिर से सरकारी अस्पतालों की लचर व्यवस्था और साफ-सफाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट है कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल को लेकर अभी भी बहुत काम करने की जरूरत है। कलेक्टर का यह सख्त रुख उम्मीद जगाता है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँगे।