जबलपुर: 'रक्तदान सबसे बड़ा दान' की कहावत को जबलपुर ने सच कर दिखाया है। 'सेवा पखवाड़े' के तहत चलाए गए एक विशाल रक्तदान महाअभियान ने शहर से लेकर गाँव तक एक जन-आंदोलन का रूप ले लिया। हजारों की संख्या में लोगों ने रक्तदान करने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे ऐसा लगा मानो यह कोई राष्ट्रीय उत्सव हो। इस दौरान, युवाओं से लेकर सेना के जवानों तक, हर वर्ग के लोगों ने आगे आकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

 

कलेक्टर ने बढ़ाया रक्तदाताओं का हौसला

 

इस पुनीत कार्य में जबलपुर के कलेक्टर, राघवेंद्र सिंह, स्वयं शामिल हुए। उन्होंने कई रक्तदान शिविरों का दौरा कर रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया। श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज में लगे शिविर में पहुंचकर उन्होंने युवाओं से सीधे संवाद किया, उनके साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई और रक्तदान कर चुके लोगों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे साल में कम से कम दो बार रक्तदान जरूर करें, ताकि किसी भी जरूरतमंद को रक्त की कमी का सामना न करना पड़े। इस मौके पर जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत और रेड क्रॉस सोसायटी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य डॉ. सुनील मिश्रा भी मौजूद थे।

 

सेना के जवानों ने भी दिया साथ

इस महाअभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भारतीय सेना के जवानों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज के शिविर में रक्तदान कर समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। उनका यह कदम युवाओं और आम नागरिकों को भी रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करने वाला साबित हुआ।

 

रिकॉर्डतोड़ रक्त संग्रह: दोपहर तक 798 यूनिट

इस महाअभियान के पहले ही दिन, लोगों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोपहर 12 बजे तक 798 यूनिट रक्त का संग्रह किया जा चुका था। यह आँकड़ा दर्शाता है कि रक्तदान के प्रति लोगों में कितनी जागरूकता है और वे समाज सेवा के इस कार्य को कितनी गंभीरता से लेते हैं। इस तरह के अभियान न केवल लोगों की जान बचाते हैं, बल्कि समाज में एकजुटता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।