भाजपा नेता प्रहलाद पटेल और कांग्रेस नेताओं ने साझा किया मंच

जबलपुर। गोंडवाना की धरती के अमर वीरों राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर इस बार ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने पूरे शहर को एक नई सोच का संदेश दिया। गढ़ा गोंडवाना संरक्षण संघ द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में राजनीतिक दलों की सीमाएं धुंधली होती दिखीं। मंच पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल और कांग्रेस नेताओं का साथ आना, आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की मिसाल बन गया।

सुबह से ही  कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे थे। ढोल-नगाड़ों की गूंज और पारंपरिक गोंड वेशभूषा में सज्जित कलाकारों ने वातावरण को और अधिक गरिमामय बना दिया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का स्वागत कांग्रेस नेताओं ने गर्मजोशी से किया। पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति चिन्ह के साथ उनका सम्मान किया गया। इस मौके पर कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेता बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के एक साथ खड़े नजर आए।

वीरों का बलिदान केवल गोंडवाना समाज का नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष का गौरव 
मंत्री प्रहलाद पटेल ने मंच से अपने संबोधन में कहा, “वीर शंकर शाह और रघुनाथ शाह का बलिदान केवल गोंडवाना समाज का नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष का गौरव है। उनका अदम्य साहस और मातृभूमि के लिए किया गया बलिदान हमें याद दिलाता है कि राष्ट्रहित हमेशा राजनीति से ऊपर है।” उन्होंने गोंडवाना की समृद्ध संस्कृति और शौर्यगाथा को संरक्षित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कांग्रेस नेताओं ने भी कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वीर शंकर शाह और रघुनाथ शाह की शहादत स्वतंत्रता संग्राम का ऐसा अध्याय है जिसे हर पीढ़ी को जानना चाहिए। उन्होंने मंत्री पटेल का अभिनंदन करते हुए कहा कि आज का यह दृश्य बताता है कि देश के महान सेनानियों को नमन करने में किसी भी तरह की राजनीतिक दीवारें नहीं हो सकतीं।

समारोह के दौरान गढ़ा गोंडवाना संरक्षण संघ के सदस्यों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए और वीरों के पराक्रम पर आधारित गीत गाए। मंत्री पटेल को संघ की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर विशेष सम्मान दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित नागरिकों ने भी भारत माता की जय और गोंडवाना वीरों के जयकारों से वातावरण को गूंजा दिया।

इस बलिदान दिवस ने न केवल जबलपुर बल्कि पूरे प्रदेश को यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों के सामने राजनीतिक मतभेद गौण हैं। आज का यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा कि राष्ट्र और संस्कृति के सम्मान में सभी को एकजुट होना चाहिए।