जबलपुर। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को जबलपुर के माल गोदाम चौक स्थित बलिदान स्थली पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में, सीएम ने दोनों शहीदों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके रोम-रोम और कण-कण में देशभक्ति का जज्बा भरा हुआ था।


 

1857 की क्रांति के महानायक

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1857 की क्रांति को इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि कैसे अंग्रेजों की क्रूर हुकूमत के खिलाफ शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह ने आवाज बुलंद की थी। उन्होंने कहा, "जब इन वीरों को तोपों से उड़ाने की धमकी दी गई, तब भी उनका साहस और देश के प्रति समर्पण जरा भी कम नहीं हुआ। वे निर्भीक होकर खड़े रहे और अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।"

सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि उस मुश्किल दौर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने जो कविताएं लिखी थीं, वे आज भी हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की भावना को जगाती हैं। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान और उनकी वीर गाथाएं न केवल जबलपुर, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।


 

आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में इन महान शहीदों का नाम हमेशा अमर रहेगा। उनकी शहादत हमें यह सिखाती है कि देश की आज़ादी और संप्रभुता के लिए हम किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन शहीदों के सम्मान में कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह कार्यक्रम शहीदों को श्रद्धांजलि देने और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रयास था।