बाला साहब के ‘प्रिय सहयोगी’ होने के बावजूद दिघे पार्टी के उपनेता तक नहीं थे
मुंबई। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पार्टी के दिवंगत नेता आनंद दिघे के बारे में कथित अपमानजनक बयान देने के विरोध में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत का पुतला फूंका है। यह विरोध प्रदर्शन दिघे के स्मारक और पूर्व में कार्यालय रहे आनंद आश्रम पर किया गया। दिघे अविभाजित शिवसेना की ठाणे जिला इकाई के प्रमुख नेता थे और उन्हें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का मार्गदर्शक माना जाता है।
इससे पहले पीएम मोदी को उनके जन्मदिन की बधाई देने के लिए शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी ने एक अखबार के विज्ञापन पर टिप्पणी करते हुए संजय राउत ने कहा था कि इसमें शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की एक छोटी सी तस्वीर थी और उनके बगल में दीघे की तस्वीर थी, जो पार्टी की जिला इकाई के प्रमुख थे। राउत ने कहा कि एक ‘प्रिय सहयोगी’ होने के बावजूद दिघे पार्टी के उपनेता तक नहीं थे और पूछा कि क्या शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना अब उनकी तुलना ठाकरे से कर रही है।
दिघे को शिवेसना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का राजनीतिक गुरु माना जाता है। कहा जाता है कि साल 1997 में हुए ठाणे नगर निगम चुनाव में उन्होंने एकनाथ शिंदे को जिताने में मदद की थी। साथ ही जब एक हादसे में शिंदे के बच्चों का निधन हो गया था, तब दिघे ही उनके साथ खड़े रहे थे और मदद की थी। साल 2001 में वह एक सड़क हादसे का शिकार हो गए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई थी।
फैंस के लिए खुशखबरी, ‘3 इडियट्स’ का सीक्वल हो सकता है जल्द अनाउंस
सिक्किम को पीएम मोदी की बड़ी सौगात, स्थापना दिवस पर किए ₹4000 करोड़ के ऐलान
Dawood Ibrahim का करीबी Salim Dola भारत में, एजेंसियों की सख्त पूछताछ
प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट के बाद कपल की पहली पब्लिक अपीयरेंस
दिग्गज अभिनेता Bharat Kapoor नहीं रहे, फिल्म इंडस्ट्री में शोक
Akhilesh Yadav की सपा ने Gujarat में मारी बाजी