जबलपुरः दीनदयाल चौराहे पर बीजेपी विधायक अभिलाष पांडे ने पुलिस को लगाई फटकार, यातायात और शराबखोरी पर जताई नाराजगी
जबलपुर, । पूर्व महापौर प्रभात साहू और एक पुलिसकर्मी के बीच हुए विवाद का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि उत्तर मध्य विधानसभा के बीजेपी विधायक अभिलाष पांडे ने जबलपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर बीच सड़क पर अपना गुस्सा जाहिर किया। यह घटना शहर के व्यस्त दीनदयाल चौराहे पर हुई, जहां शाम के समय फैली अव्यवस्था को देखकर विधायक ने अपना काफिला रुकवाया और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की क्लास ली।
क्या है पूरा मामला?
विधायक अभिलाष पांडे अपने काफिले के साथ दीनदयाल चौराहे से गुजर रहे थे। शाम का समय होने के कारण चौराहे पर भारी भीड़ थी, लेकिन यातायात पूरी तरह से बेकाबू था। इसके साथ ही, चौराहे के आसपास कुछ लोग खुलेआम शराब पी रहे थे, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही थी। इस दृश्य को देखकर विधायक का माथा ठनक गया। उन्होंने तत्काल अपनी गाड़ी रुकवाई और चौराहे पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को अपने पास बुलाया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
विधायक अभिलाष पांडे ने सीधे तौर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी सिर्फ खानापूर्ति करने की नौकरी कर रहे हैं और उन्हें लोगों की सुरक्षा और सुविधा से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पुलिस से पूछा कि आखिर उनके सामने खुलेआम शराब कैसे बेची जा रही है और यातायात को नियंत्रित करने के लिए सही व्यवस्था क्यों नहीं की गई है। विधायक ने सख्त लहजे में कहा कि इस तरह की लापरवाही शहर की कानून-व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।
पुलिस के खिलाफ लगातार बढ़ती नाराजगी
यह पहली बार नहीं है जब शहर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। कुछ दिन पहले ही पूर्व महापौर प्रभात साहू और एक पुलिसकर्मी के बीच हुए विवाद ने भी काफी तूल पकड़ा था। इन लगातार हो रही घटनाओं से यह साफ होता है कि शहर के जनप्रतिनिधि भी पुलिस के काम से संतुष्ट नहीं हैं। विधायक अभिलाष पांडे द्वारा बीच सड़क पर पुलिस को फटकार लगाना यह दर्शाता है कि शहर में कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर बड़ी समस्याएं मौजूद हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।
आगामी कार्रवाई की संभावना
विधायक द्वारा सार्वजनिक रूप से पुलिस को लताड़ लगाने के बाद, उम्मीद है कि इस मामले पर पुलिस विभाग द्वारा कोई कार्रवाई की जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस घटना के बाद दीनदयाल चौराहे पर यातायात और शराबखोरी की समस्या को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं। यह घटना शहर के प्रशासनिक ढांचे में सुधार की जरूरत को भी उजागर करती है।
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