जबलपुर, तिलवारा रोड स्थित अपेक्स अस्पताल में आज सुबह एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि थायराइड के मामूली ऑपरेशन के बाद महिला की अचानक मौत हो गई, जो डॉक्टरों की लापरवाही का नतीजा है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। डॉक्टर संजय यादव ने कहा कि ऑपरेशन सफल हुआ और महिला कॉर्डिक अटैक आने से उसकी मौत हो गई। परिजनों को लगता है कि लापरवाही की गई है तो वह पीएम करा लें उसमें तय हो जाएगा कि मौत किन कारणों से हुई।

क्या है पूरा मामला?

डिंडोरी जिले के शहपुरा निवासी राजदीप सोनी ने अपनी पत्नी को गले में थायराइड की समस्या के चलते इलाज के लिए जबलपुर के एक निजी अस्पताल में दिखाया था। राजदीप सोनी के अनुसार, डॉक्टर भारद्वाज ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी और उन्हें अपेक्स अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा। डॉक्टर की सलाह पर महिला को पिछले दिनों अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. संजय यादव ने थायराइड का ऑपरेशन किया।

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत, हुई मौत

परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद से ही महिला की तबीयत लगातार खराब होती चली गई। सुबह अचानक डॉक्टर ने परिजनों को सूचना दी कि मरीज को दिल का दौरा पड़ा है और उसकी मौत हो गई है। इस खबर के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि थायराइड का ऑपरेशन कोई बड़ा ऑपरेशन नहीं होता और डॉक्टरों की लापरवाही के बिना मरीज की मौत नहीं हो सकती।

अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को नकारा

दूसरी ओर, अपेक्स अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। प्रबंधन का कहना है कि महिला का ऑपरेशन सफल रहा था और इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने पर लगातार उसका इलाज जारी था, लेकिन दुर्भाग्यवश दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए जांच में सहयोग करने की बात कही है।

आगे की कार्रवाई की मांग

परिजनों ने पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वे इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के उच्च अधिकारियों से भी शिकायत करेंगे। फिलहाल, पुलिस मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराने का प्रयास कर रही है और मामले की जांच में जुट गई है। यह घटना शहर के निजी अस्पतालों में इलाज की सुरक्षा और मानकों पर एक बार फिर सवाल खड़ा करती है।