MP कैबिनेट के अहम फैसले: सीनियर रेजिडेंट के 354 नए पदों के सृजन को स्वीकृति , PPP मॉडल पर शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा
भोपाल: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिनका सीधा असर प्रदेश के विकास और जन कल्याण पर पड़ेगा। इन फैसलों में ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने और निजी भागीदारी से परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र को मिली नई गति
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की दो बड़ी पूंजीगत योजनाओं को हरी झंडी दी है।
अमरकंटक ताप विद्युत गृह: 1x660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11,476.31 करोड़ रुपये (नॉन-EPC सहित) को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सतपुड़ा ताप विद्युत गृह: इसी तरह, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी की 1x660 मेगावाट इकाई के लिए भी 11,678.74 करोड़ रुपये (नॉन-EPC सहित) की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन किया गया है। इन दोनों परियोजनाओं से राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि होगी।
ये दोनों निर्णय प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि बेहतर बिजली आपूर्ति से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार
प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्रि-परिषद ने 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के मापदंडों के अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए सीनियर रेजिडेंट के 354 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी है।यह फैसला चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा और मेडिकल कॉलेजों को NMC की मान्यता प्राप्त करने में मदद करेगा। इन पदों के सृजन से डॉक्टरों की कमी दूर होगी, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाएगा।
PPP मॉडल पर हेलीकॉप्टर सेवा
परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत निजी ऑपरेटरों के सहयोग से राज्य के भीतर हेलीकॉप्टर सेवा संचालन को मंजूरी दी है। यह सेवा पर्यटन को बढ़ावा देगी, सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाएगी और आपातकालीन स्थितियों में भी सहायक साबित होगी।यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार प्रदेश के विकास के लिए केवल सरकारी संसाधनों पर निर्भर रहने के बजाय निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। इन सभी फैसलों से उम्मीद है कि मध्यप्रदेश विकास के नए आयामों को छू पाएगा।
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