जबलपुर/इंदौर। इंदौर में नो-एंट्री में घुसे ट्रक से हुए भीषण सड़क हादसे (3 मौत, 12 घायल) पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान इंदौर पुलिस कमिश्नर वर्चुअल माध्यम से पेश हुए, जबकि डीसीपी ट्रैफिक व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहे।

पुलिस कमिश्नर का लिखित जवाब

पुलिस कमिश्नर ने कोर्ट में अब तक की गई कार्यवाही का ब्योरा लिखित रूप में पेश किया और भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

हाईकोर्ट के निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए कि—

  • शहर के सभी एंट्री प्वाइंट्स के सीसीटीवी फुटेज पेश किए जाएं।

  • उस सड़क का सीसीटीवी रिकॉर्ड भी अदालत में प्रस्तुत किया जाए, जहां से ट्रक नो-एंट्री में घुसा।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गंभीर चूक दोबारा न हो, इसके लिए ठोस व्यवस्था की जाए। अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को तय की गई है।

इस घटना ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। कोर्ट ने कहा कि लापरवाही की जिम्मेदारी तय करना और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करना आवश्यक है ताकि शहर में ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।