जबलपुर। आस्था के पर्व नवरात्रि की आड़ में पैसे कमाने और लोगों को ठगने का खेल जबलपुर में एक बार फिर सामने आया है। शहर के अति-संवेदनशील इलाके मदनमहल दद्दा परिसर में एक आयोजक ने न सिर्फ नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि लाखों रुपये कमाकर अचानक गायब हो गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जहां यह बड़ा आयोजन हुआ, वहां से मदनमहल थाना मात्र चंद कदमों की दूरी पर स्थित है, लेकिन पुलिस को इस अवैध गतिविधि की भनक तक नहीं लगी।

नाले पर आयोजन, चोरी की बिजली की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पूरा मामला मदनमहल दद्दा परिसर का है। यहां शुभि मेकओवर नामक आयोजक ने एक दिवसीय गरबा कार्यक्रम का आयोजन किया था। आयोजक ने सारी हदें पार करते हुए यह आयोजन नाले के ऊपर अस्थाई रूप से मंच बनाकर कर डाला। स्थानीय निवासियों ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि इस गरबा आयोजन में बिजली की सप्लाई भी चोरी की गई थी। उनके मुताबिक, आयोजक ने विधिवत बिजली कनेक्शन नहीं लिया, जिसके कारण पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति कई बार बाधित हुई और क्षेत्रीय जनता को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा।

फीस 400 से 1800 रुपये तक, लाखों की कमाई का अनुमान
आयोजन में शामिल होने के लिए आयोजक ने मोटी फीस वसूली थी। सूत्रों के अनुसार, गरबा में प्रवेश के लिए शुल्क 400 रुपये से लेकर 1800 रुपये तक रखा गया था। चूँकि यह आयोजन एक भीड़-भाड़ वाले इलाके में किया गया था, इसलिए अनुमान है कि एक ही दिन में आयोजक ने लाखों रुपये की कमाई की होगी। लाखों कमाने के बाद आयोजक रातों-रात गायब हो गया।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल
यह पूरा मामला स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस स्थान पर यह अवैध आयोजन हुआ, वहां से मदनमहल थाना बेहद नजदीक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए और जिसकी वजह से बिजली भी बाधित हुई, उसकी जानकारी पुलिसकर्मियों को न होना समझ से परे है। स्थानीय निवासियों ने यह भी दावा किया है कि इस गरबा आयोजन के लिए किसी भी तरह की प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। नाले पर निर्माण, बिजली की चोरी और बगैर अनुमति के सार्वजनिक आयोजन, ये सभी गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं।