संभागीय आयुक्त कार्यालय में हड़कंप: ट्राइबल विभाग की डिप्टी कमिश्नर उषा अजय सिंह का इस्तीफा, वरिष्ठ अधिकारी पर प्रताड़ना के आरोप
जबलपुर। संभागीय आयुक्त कार्यालय में पदस्थ ट्राइबल विभाग की डिप्टी कमिश्नर उषा अजय सिंह ने अचानक अपने पद से इस्तीफा देकर प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैला दी है। लंबे समय से अपने कार्यों को लेकर सक्रिय और सख्त प्रशासनिक रुख के लिए पहचानी जाने वाली इस महिला अधिकारी के त्यागपत्र ने न केवल विभाग, बल्कि पूरे संभाग के अफसरों को सकते में डाल दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर उषा अजय सिंह ने मंगलवार को एक माह का वेतन जमा कर औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया। बताया जा रहा है कि इस्तीफे के पीछे संभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा किए जा रहे कथित उत्पीड़न और मानसिक दबाव को कारण माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस्तीफे में उन्होंने कौन-से कारणों का उल्लेख किया है।
वरिष्ठ अधिकारी पर प्रताड़ना के आरोप
विभागीय सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से उषा अजय सिंह और एक वरिष्ठ अधिकारी के बीच कार्य को लेकर मतभेद चल रहे थे।इन मतभेदों ने धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लिया, जिसके बाद उन्होंने मानसिक रूप से परेशान होकर पद छोड़ने का निर्णय लिया।हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
संपर्क करने पर नहीं मिला जवाब
इस विषय पर उषा अजय सिंह से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया और कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।अधिकारियों का कहना है कि इस्तीफे में लिखे गए कारणों की आधिकारिक प्रति अभी तक संबंधित विभागों को प्राप्त नहीं हुई है।जैसे ही पत्र की प्रति सामने आएगी, उसके आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप
महिला अधिकारी द्वारा इस तरह का कदम उठाए जाने के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का दौर तेज हो गया है।
अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां बनीं कि एक वरिष्ठ अधिकारी को इस्तीफा देना पड़ा।ट्राइबल विभाग में भी उनके इस्तीफे के बाद कर्मचारियों में असमंजस और चिंता का माहौल है।
संवेदनशील मानी जाती हैं उषा अजय सिंह
उषा अजय सिंह अपने कार्यकाल के दौरान आदिवासी छात्रवृत्ति योजनाओं, छात्रावास व्यवस्थाओं और जनजातीय कल्याण कार्यक्रमों में पारदर्शिता लाने के प्रयासों के लिए जानी जाती हैं।उनकी कार्यशैली को लेकर कई बार विवाद भी हुए, लेकिन उन्होंने हमेशा नीतिगत निर्णयों पर ही काम किया।
इस्तीफे की खबर से राजनीतिक हलचल भी तेज
महिला अधिकारी के इस्तीफे की खबर सामने आते ही राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।
कई अधिकारियों का कहना है कि यदि वरिष्ठ अधिकारी पर प्रताड़ना के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला राज्य स्तर तक गूंज सकता है।
वहीं कुछ सूत्रों ने यह भी बताया कि इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण या तबादले से जुड़ी नाराजगी भी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।फिलहाल, संभागीय आयुक्त कार्यालय और ट्राइबल विभाग दोनों ही स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस्तीफे के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ जाएगी।
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