जबलपुर । पुलिस महानिदेशक (लोकायुक्त) श्री योगेश देशमुख के कड़े निर्देश पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान को जारी रखते हुए, जबलपुर लोकायुक्त इकाई ने मंगलवार (दिनांक 14.10.2025) को छिंदवाड़ा जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। लोकायुक्त की टीम ने आदिम जाति एवं सेवा सहकारिता समिति के एक प्रभारी प्रबंधक को ₹59,000 की रिश्वत लेते हुए मौके पर गिरफ्तार किया।

मामला और आरोपी की पहचान:

  • आरोपी: मुनीम प्रसाद पटेल (उम्र 55 वर्ष), पद-प्रभारी समिति प्रबंधक, आदिम जाति एवं सेवा सहकारिता समिति मर्यादा झिरपा, तहसील तामिया, जिला छिंदवाड़ा।

  • शिकायतकर्ता: हरीश राय (उम्र 26 वर्ष), निवासी ग्राम झिरपा।

रिश्वत की मांग का कारण:

शिकायतकर्ता हरीश राय का ग्राम झिरपा में 'श्री हरि' नाम से वेयरहाउस (भंडारण गृह) है। आरोपी मुनीम प्रसाद पटेल द्वारा वेयरहाउस के संचालन को सुचारू रूप से जारी रखने और सबसे महत्वपूर्ण, वेयरहाउस को ब्लैक लिस्ट (काली सूची) में न डालने के एवज में ₹59,000 की भारी भरकम राशि की रिश्वत की मांग की जा रही थी। भ्रष्टाचार की इस मांग से तंग आकर हरीश राय ने लोकायुक्त जबलपुर इकाई से संपर्क किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

लोकायुक्त की ट्रेप कार्यवाही:

लोकायुक्त टीम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, पहले उसका विधिवत सत्यापन किया। सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद, आज दिनांक 14 अक्टूबर 2025 को ट्रेप (जाल बिछाने) की योजना बनाई गई।

योजना के तहत, आरोपी मुनीम प्रसाद पटेल को छिंदवाड़ा जिले के जिला सहकारी बैंक, तामिया स्थित घटनास्थल पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। ट्रेप के दौरान आरोपी ने शिकायतकर्ता हरीश राय से ₹59,000 की रिश्वत राशि स्वीकार की, जिसके तुरंत बाद लोकायुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

दर्ज की गई धाराएं:

लोकायुक्त टीम ने आरोपी मुनीम प्रसाद पटेल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7 (लोक सेवक द्वारा विधिवत पारिश्रमिक के अतिरिक्त परितोषण लेने के संबंध में), 13(1)B (अपराधिक कदाचार) और 13(2) (सजा) के अंतर्गत सख्त कार्यवाही शुरू कर दी है।

ट्रेप दल में शामिल सदस्य:

यह सफल कार्यवाही निरीक्षक उमा कुशवाहा (दल प्रभारी) के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें निरीक्षक रेखा प्रजापति, निरीक्षक जितेंद्र यादव एवं लोकायुक्त जबलपुर का पूरा दल शामिल रहा। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।