कलेक्टर का 'जीरो टॉलरेंस': तिलहरी के LOTD बार की कुंडली खंगालेगी संयुक्त टीम; अश्लीलता और लाइसेंस अनियमितता पर होगी कड़ी कार्रवाई
जबलपुर। शहर के तिलहरी स्थित 'लॉर्ड ऑफ द ड्रिंक्स' (Lord of the Drinks - LOTD) बार पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। बार में कथित रूप से चल रही अनैतिक गतिविधियों, अश्लीलता और लाइसेंस से जुड़ी अनियमितताओं की शिकायतें मिलने के बाद जिला कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने इस पूरे मामले पर जीरो टॉलरेंस का रुख अपनाया है। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बार की स्थापना से लेकर वर्तमान संचालन तक की एक-एक गतिविधि की विस्तृत जाँच की जाएगी और यदि नियम-कायदों का उल्लंघन पाया गया तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

'अवैध' गतिविधियों पर प्रशासन की पैनी नजर
'लॉर्ड ऑफ द ड्रिंक्स' बार पिछले कुछ समय से शहर के सामाजिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ था। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाए थे कि बार में देर रात तक ऐसी गतिविधियाँ होती हैं जो सार्वजनिक शालीनता और कानून-व्यवस्था के विरुद्ध हैं। इन आरोपों के बाद कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया।
कलेक्टर ने सीधे तौर पर जांच दलों को निर्देश दिए हैं कि वे बार से जुड़े प्रत्येक दस्तावेज़ की गहराई से पड़ताल करें। जाँच के मुख्य बिंदु कई गंभीर विषयों पर केंद्रित हैं:लाइसेंसिंग और मंजूरी की प्रक्रिया: बार को आबकारी विभाग और स्थानीय निकाय से किन शर्तों पर अनुमति दी गई? क्या सभी आवश्यक अनुमतियाँ विधिवत ली गईं या किसी तरह की सांठगांठ हुई?दस्तावेजों का सत्यापन: बार खोलने के लिए इस्तेमाल किए गए जमीन के कागजात, बिल्डिंग परमिशन और अन्य सभी दस्तावेजों की सत्यता जाँची जाएगी।संचालन के नियम: बार की टाइमिंग, मनोरंजन संबंधी गतिविधियाँ और वहाँ पर परोसे जाने वाले पेय पदार्थों के नियम क्या थे, और क्या उनका पालन किया जा रहा था?

नर्मदा सीमा का उल्लंघन: सबसे बड़ा सवाल
जांच में सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील बिंदु बार का भौगोलिक स्थान है। कलेक्टर ने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि तिलहरी स्थित यह बार नर्मदा नदी की निर्धारित सीमा के कितना करीब है।कलेक्टर सिंह ने दो टूक कहा, "यदि बार नर्मदा संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सीमा का उल्लंघन करते हुए खोला गया है, तो यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। हम इस बात की जाँच करेंगे कि ऐसी संवेदनशील जगह पर बार खोलने की अनुमति किन अधिकारियों ने दी और इसके पीछे क्या वजह थी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आए और यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उन पर भी सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।"

अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार
कलेक्टर के इस रुख से स्पष्ट है कि यह मामला अब सिर्फ बार के संचालकों तक ही सीमित नहीं रहेगा। यदि जाँच में यह सामने आता है कि सरकारी अधिकारियों ने मिलीभगत करके या लापरवाही बरतते हुए नियमों के विपरीत जाकर बार को मंजूरी दी, तो उन पर भी जवाबदेही तय की जाएगी।जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि इस जांच के लिए जल्द ही राजस्व, आबकारी और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी। यह कार्रवाई जबलपुर में नियमों को ताक पर रखकर चल रहे अवैध कारोबारों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा और सख्त कदम माना जा रहा है।जाँच पूरी होने के बाद प्रशासन की अगली कार्रवाई क्या होगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। उम्मीद है कि यदि बार में अनियमितता पाई गई तो इसका लाइसेंस तत्काल रद्द किया जा सकता है और संबंधित सभी दोषियों पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

सिर्फ एक नहीं, अब शहर के 'सभी बार' जांच के दायरे में!
जबलपुर में 'लॉर्ड ऑफ द ड्रिंक्स' बार पर सख्ती दिखाने के बाद जिला प्रशासन ने अब एक बड़ा और व्यापक फैसला लिया है। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ तिलहरी स्थित लॉर्ड ऑफ द ड्रिंक्स बार ही अकेला जांच के दायरे में नहीं है, बल्कि शहर के अन्य सभी बारों की भी सघन जाँच की जाएगी।प्रशासन ने यह तय किया है कि शहर में जितने भी बार वर्तमान में संचालित हो रहे हैं, उन सभी के लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल होगी। साथ ही, वे किन सरकारी मापदंडों और नियमों के आधार पर संचालित किए जा रहे हैं, इसके पूरे दस्तावेज संबंधित बार संचालकों से माँगे जाएँगे।इन बारों की जाँच प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए कलेक्टर जल्द ही एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करेंगे। इस कमेटी में राजस्व, आबकारी और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग जैसे विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। यह कमेटी न सिर्फ दस्तावेजों की जाँच करेगी, बल्कि मौके पर जाकर बार के संचालन की स्थिति, सुरक्षा मानकों और नियमों के पालन की भी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।जिला प्रशासन के इस फैसले से शहर में नियमों को ताक पर रखकर या संदिग्ध गतिविधियों के साथ चल रहे बार संचालकों में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई शहर में एक स्वच्छ और नियमबद्ध व्यावसायिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में कलेक्टर का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि जाँच में किसी भी बार में अनियमितता पाई जाती है, तो उनके लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी है।