जबलपुर। राज्य स्तरीय मोगली उत्सव के लिए जबलपुर जिले के 4 बच्चों का चयन होने के बावजूद, जिला शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में बच्चों के चयन की सूचना उनके परिजनों और संबंधित स्कूलों तक पहुंचाने में विभाग पूरी तरह विफल रहा है। हालत यह है कि बरगी हिल्स स्थित स्कूल प्रबंधन को भी यह जानकारी नहीं है कि उनके विद्यालय के किसी छात्र/छात्रा का चयन इस उत्सव के लिए किया गया है। जबकि मोगली उत्सव रविवार  सिवनी पेंच में आयोजित होगा।

उत्सव का बना मज़ाक, जारी नहीं हुआ कोई पत्र

मोगली उत्सव, जो कि स्कूली छात्रों में वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदेश भर में आयोजित किया जाता है, शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण मजाक बनकर रह गया है। सूत्रों के अनुसार, बच्चों के चयन संबंधी कोई भी आधिकारिक पत्र (लेटर) जिला शिक्षा विभाग द्वारा न तो स्कूलों को जारी किया गया और न ही सीधे बच्चों के अभिभावकों को सूचित किया गया। समय पर सूचना के अभाव में, चयनित बच्चे और उनके परिवार इस महत्वपूर्ण अवसर से वंचित रह सकते हैं, जो विभाग की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।

डीईओ तक पहुंची शिकायत, दिए जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता तब सामने आई जब यह जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) घनश्याम सोनी तक पहुंची। खबर मिलते ही डीईओ ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मोगली उत्सव की पूरी जानकारी तत्काल बच्चों के परिवारों और स्कूल प्रबंधनों से साझा की जाए, ताकि समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी की जा सकें।यह लापरवाही विभाग के समन्वय और जिम्मेदारी की भावना पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शिक्षा विभाग की इस चूक के कारण, बच्चों के उत्साह और प्रतिभा प्रदर्शन का मौका खतरे में पड़ गया है। अब देखना यह है कि डीईओ के हस्तक्षेप के बाद विभाग कितनी जल्दी स्थिति को सुधार पाता है।