जबलपुर में 1 नवंबर से यातायात बाधक अतिक्रमणों पर वृहद मुहिम: जीरो टॉलरेंस की नीति लागू
जबलपुर: शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और दुरुस्त बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम द्वारा 1 नवंबर से वृहद स्तर पर अतिक्रमण हटाओ मुहिम चलाई जाएगी। इस अभियान के तहत, शहर की सड़कों से यातायात में बाधक सभी तरह के अतिक्रमण हटाए जाएंगे। विशेष रूप से चौराहों और लेफ्ट टर्न को अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में पुलिस कंट्रोल रूम में हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय और नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुहिम के मुख्य बिंदु और निर्णय:
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लक्ष्य: मुहिम का मुख्य उद्देश्य केवल आवागमन को सुगम बनाना और शहर के यातायात को दुरुस्त करना है। इसका उद्देश्य ठेले, टपरे हटाना नहीं, बल्कि यातायात में बाधक कब्जों को हटाना है।
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प्रारंभिक चरण: अभियान की शुरुआत सबसे पहले गढ़ा और ग्वारीघाट क्षेत्र से की जाएगी, जिसके बाद इसे पूरे शहर में चलाया जाएगा।
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जीरो टॉलरेंस: चौराहों के चारों ओर लेफ्ट टर्न को क्लियर करने के लिए सख्ती से जीरो टॉलरेंस की नीति लागू होगी।
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अवैध होर्डिंग पर कार्रवाई: अतिक्रमणों को हटाने के साथ ही चौराहों और रोटरी से अवैध होर्डिंग, पोस्टर और बैनर भी हटाए जाएंगे ताकि सहज दृश्यता बनी रहे।
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सर्विस रोड और फुटपाथ: सर्विस रोड और फुटपाथ को भी अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
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गैरेज पर एक्शन: लेफ्ट टर्न पर वाहनों की मरम्मत के लिए बने गैरिजों को हटाने की कार्यवाही होगी। जिन गैरेजों के पास अनुमति है, उन्हें वैकल्पिक स्थान दिया जाएगा; बिना अनुमति वालों के विरुद्ध पब्लिक न्यूसेंस का प्रकरण दर्ज होगा।
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वैकल्पिक व्यवस्था: प्रभावित होने वाले ठेले, टपरे और सड़क किनारे बैठकर रोजी-रोटी कमाने वालों को वैकल्पिक स्थान (वेंडर जोन) उपलब्ध कराने पर विचार किया गया है। राजस्व अधिकारियों को वेंडर जोन के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अनुपयोगी खंभे हटेंगे: व्यस्ततम बाजारों से अनुपयोगी बिजली के खंबे हटाए जाएंगे, जिनकी आड़ में सड़कों पर अतिक्रमण किया गया है।
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नो पार्किंग जोन: भंवरताल, मानस भवन और सिविक सेंटर में बने मल्टी लेवल पार्किंग के 300 मीटर दायरे में नो पार्किंग जोन बनाने का फैसला लिया गया है। नो पार्किंग क्षेत्रों से वाहनों को क्रेन से हटाने और चालानी कार्यवाही के साथ-साथ वाहन उठाने का शुल्क भी वसूला जाएगा।
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सुरक्षा और जागरूकता: मुहिम शुरू करने से पहले शहर के मुख्य बाजारों और प्रमुख स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम द्वारा एनाउंसमेंट करके लोगों को जागरूक किया जाएगा और अतिक्रमणकारियों को स्वयं अपने कब्जे हटाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने विवाद की स्थिति से बचने और छोटे व्यापारियों के नुकसान न हो, इस पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एक बार अतिक्रमण हटाने के बाद, दोबारा कब्जा न हो इसके लिए नगर निगम, पुलिस और राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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