जबलपुर, जबलपुर के पनागर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरिया चौथे पनागर में रैकवार परिवार ने पटेल समाज के छह से अधिक लोगों पर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने, महिलाओं से मारपीट और बदसलूकी करने, तथा लूटपाट करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर हमलावरों से सांठगांठ कर उनकी शिकायत को दरकिनार करने, FIR में हेरफेर करने और उल्टे पीड़ित पक्ष के सदस्यों को झूठे मामले में फंसाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

घर में घुसकर हमला, लूट और कपड़े फाड़ने का आरोप
नंदनी रैकवार (लगभग 40 वर्ष, पत्नी नरेंद्र रैकवार) ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना दिनांक 25/10/2025 की रात लगभग 7:00 बजे हुई। जब वह घर के कमरे में खाना बना रही थीं, तभी रमेश पटेल, मुक्कू पटेल, निखिल पटेल, सिद्धार्थ पटेल, संजू पटेल, प्रवीण पटेल सहित अन्य लोग उनके घर में घुस आए।हमला और लूट: हमलावरों ने सबसे पहले उनके देवर मनोज रैकवार पर डंडों और रॉड से हमला किया। जब नंदनी रैकवार बीच में आईं, तो उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे उनके कपड़े (ब्लाउज) फट गए। आरोप है कि निखिल पटेल ने लक्ष्मी पूजन में रखे ₹7,500/- नकद और चांदी का सिक्का लूट लिया।महिलाओं से बदसलूकी: बीच-बचाव करने आईं देवरानियों, रूपा रैकवार, संध्या रैकवार और सीता रैकवार को भी मारा-पीटा गया और उनके कपड़े फाड़ दिए गए।धमकी: हमलावरों ने परिवार को जान से खत्म करने और घर में आग लगाने की धमकी भी दी।

 पनागर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पनागर पुलिस, खासकर पदस्थ मिथलेश कुमार त्रिपाठी ने हमलावरों से साठगांठ कर ली।
FIR में हेरफेर: शिकायत के अनुसार, पुलिस ने उनकी आपबीती पर FIR दर्ज नहीं की। जब उन्होंने ऑनलाइन जाँच की, तो पता चला कि पुलिस ने यह झूठी कहानी बनाकर FIR दर्ज की है कि उन्हें किसी 'ओमप्रकाश रैकवार की लड़ाई में बीच-बचाव के दौरान' मारा गया है, जो कि पूरी तरह गलत है।झूठी FIR: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने उल्टे नंदनी रैकवार के पति नरेंद्र रैकवार और पुत्रों अनुज रैकवार, सुजल रैकवार तथा देवर बैनी रैकवार के विरुद्ध झूठी रिपोर्ट दर्ज कर ली, जबकि परिवार के सदस्य हमला होने के दौरान अपने घर पर मौजूद थे। रैकवार परिवार का आरोप है कि पुलिस अब उन पर समझौता करने का दबाव बना रही है और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रही है।नंदनी रैकवार ने वरिष्ठ अधिकारियों से रमेश पटेल और उनके साथियों पर कानूनी कार्यवाही करने, लूटी गई संपत्ति वापस दिलाने, और पनागर थाने के संबंधित पुलिसकर्मी पर प्रशासनिक कार्यवाही करने की मांग की है। यह मामला न्याय की गुहार लगा रहे एक गरीब परिवार की दयनीय स्थिति को उजागर करता है।