जबलपुर।
मनमोहन नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। सेप्टिक टैंक में गिरने से दो मासूम बच्चों की मौत के मामले में कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच टीमों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसके आधार पर जिम्मेदार ठहराई गई दो निजी कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर ग्वालियर की मेसर्स प्रकाश सिक्योरिटी सर्विस एंड वर्कर कांट्रेक्टर पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था देखने वाली इंदौर स्थित मेसर्स स्काई बुल सिक्योरिटी सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड पर भी 20 हजार रुपये की पैनाल्टी लगाई गई है।

दोनों कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि इस तरह की घटना दोबारा होती है, तो उनका अनुबंध तुरंत समाप्त कर दिया जाएगा।

इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के प्रभारी डॉ. अंशुल शुक्ला को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें तीन दिन के भीतर अपना जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

यह कदम प्रशासन द्वारा हादसे में जिम्मेदार पक्षों पर जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल जुर्माने से बात नहीं बनेगी — अस्पताल परिसर की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था में स्थायी सुधार की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में दोबारा न हों।