जबलपुर। शहर के जिला चिकित्सालय विक्टोरिया अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की लापरवाही की पोल भी खोल दी है। अस्पताल परिसर में खड़ा सरकारी शव वाहन (डेथ वैन), जो आपातकालीन हालातों में मृतकों के परिवहन के लिए उपयोग किया जाना चाहिए, उसे टायर और कबाड़ रखने के गोदाम में बदल दिया गया है।

इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो और कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि शव वाहन के अंदर कई पुराने टायर रखे हुए हैं। यह वही वाहन है जो मृतकों के सम्मानजनक परिवहन के लिए दिया गया था, लेकिन अब उसमें कबाड़ और रद्दी भरी हुई है।

स्थानीय लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रशासन की इस घोर लापरवाही पर नाराजगी जताई है। पोस्ट पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा — “जहां शव वाहन जरूरत के वक्त जीवन रेखा साबित होते हैं, वहीं विक्टोरिया अस्पताल ने उसे स्टोर रूम बना डाला।”

स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन में मचा हड़कंप
मामला वायरल होते ही जिला अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने आनन-फानन में जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह शव वाहन काफी समय से अस्पताल परिसर में खड़ा था, लेकिन इसके रखरखाव या उपयोग को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई थी। इसी बीच स्टाफ द्वारा सुविधा के लिए वाहन के अंदर टायर और अन्य सामान रख दिए गए।

अधिकारियों का दावा — दोषियों पर होगी कार्रवाई
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है, और जो भी कर्मचारी या अधिकारी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जनता में आक्रोश और सवाल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जनता में आक्रोश फैल गया है। लोगों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों का ऐसा अपमान अस्वीकार्य है। यह न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उदासीन रवैये का प्रतीक भी है।


फैक्ट फाइल

  • विक्टोरिया अस्पताल परिसर में खड़ा सरकारी शव वाहन बना टायर गोदाम

  • सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो वायरल

  • अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर

  • स्वास्थ्य विभाग ने जांच के दिए आदेश

  • दोषियों पर कार्रवाई का दावा

  • जनता में नाराजगी, सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग

 

इनका कहना है
शव वाहन का उपयोग अगर टायर रखने के लिए हो रहा है तो निश्चित रूप से इसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल मेरे पास ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है।
डॉक्टर संजय मिश्रा, प्रभारी सीएमएचओ